रामगढ़ पुलिस ने 1971 अपराधियों की कुंडली की तैयार, 581 का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड
रामगढ़, 05 नवंबर (हि.स.)। जिले में अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए एसपी ने निगरानी का दायरा बढ़ा दिया है। अब अपराधियों की पहचान, उनके आपराधिक इतिहास, वर्तमान ठिकाना और गतिविधियां पुलिस की डिजिटल निगरानी में रहेंगी। इस दिशा में एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने गुरुवार को पुलिस कार्यालय में अपराध रोकथाम और उद्भेदन शाखा एवं डिजिटल अपराधी निगरानी पोर्टल के कार्यों की समीक्षा की। पिछले तीन महीनों में विशेष अभियान चलाकर विभिन्न अपराध श्रेणियों के 581 अपराधियों का डिजिटल विवरण तैयार कर पोर्टल पर अपलोड किया गया है।
पुलिस के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी 2021 से 31 मार्च 2026 तक रामगढ़ पुलिस ने कुल 1,971 अपराधकर्मियों का डिजिटल विवरण तैयार किया है। इनमें रामगढ़ जिले के 1,374, दूसरे जिलों के 458 तथा झारखंड राज्य के बाहर के 139 अपराधी शामिल हैं। वहीं, पिछले तीन महीनों में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान शस्त्र अधिनियम, लूट, मादक पदार्थ तस्करी, उत्पाद अधिनियम, हत्या, अपहरण, चोरी, वाहन चोरी एवं हत्या के प्रयास जैसे अपराधों से जुड़े 581 अपराधियों का रिकॉर्ड डिजिटल पोर्टल पर दर्ज किया गया है।
एसपी ने अपराधियों की पहचान और उनके वर्तमान ठिकाने की पुष्टि के लिए दोहरे सत्यापन की व्यवस्था प्रभावी बनाने का निर्देश दिया। इसके तहत जिस थाना क्षेत्र में अपराध दर्ज है, वहां का संबंधित अनुसंधान थाना और जहां अपराधी वर्तमान में रह रहा है, वहां का संबंधित थाना मिलकर उसका भौतिक सत्यापन करेंगे। सत्यापन के बाद अपराधियों के वर्तमान पते, आपराधिक इतिहास और कार्यप्रणाली से जुड़ी जानकारियां पोर्टल पर अद्यतन की जाएंगी।
समीक्षा के दौरान एसपी ने वैसे अपराधियों को विशेष रूप से चिह्नित करने का निर्देश दिया, जो लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हैं या बार-बार अपराध की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। दूसरे थाना क्षेत्रों में रहने वाले अपराधियों की सूचनाओं का भी आपस में आदान-प्रदान करने और अंतरथाना समन्वय मजबूत बनाने पर जोर दिया गया, ताकि किसी भी आपराधिक गतिविधि की सूचना समय रहते मिल सके।
एसपी ने पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों का इस्तेमाल अपराध विश्लेषण, संदिग्धों की पहचान और पुराने मामलों के त्वरित उद्भेदन में करने का निर्देश दिया। अपराधियों के आपराधिक इतिहास, उनके संपर्कों और अपराध करने के तौर-तरीकों का विश्लेषण कर अनुसंधान को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
एसपी ने अपराधियों के विरुद्ध कानून के प्रावधानों के तहत अपराध नियंत्रण अधिनियम, निगरानी प्रस्ताव, जमानत निरस्तीकरण और मादक पदार्थों से संबंधित कानून के अंतर्गत आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही पिछले पांच वर्षों के हत्या एवं उत्पाद अधिनियम से जुड़े मामलों के आरोपितों का सत्यापन कर उनका डिजिटल विवरण तैयार करने और पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया।
बैठक में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस निरीक्षक, थाना एवं ओपी प्रभारी तथा संबंधित नोडल पदाधिकारी उपस्थित थे। एसपी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि डिजिटल निगरानी व्यवस्था को केवल रिकॉर्ड तैयार करने तक सीमित नहीं रखें, बल्कि इसका नियमित उपयोग करते हुए अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखें और अपराध नियंत्रण की दिशा में ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करें।
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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश