मारवाड़ी महोत्सव में दिखा राजस्थानी परंपरा और संस्कृति का अनोखा संगम
रांची, 16 जनवरी (हि.स.)। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन और मारवाड़ी सहायक समिति के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को मारवाड़ी भवन में तीन दिवसीय मारवाड़ महोत्सव की शुरुआत हुई। 18 जनवरी तक आयोजित तीन दिवसीय मारवाड़ महोत्सव के पहले दिन लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। महोत्सव में लोककला और संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है जहां, राजस्थानी परंपरा, रंग-बिरंगे लोकनृत्य और स्वादिष्ट व्यंजन ने शहरवासियों को लुभा रहे हैं।
कार्यक्रम में मारवाड़ी भवन में राजसी परंपराओं और जीवंत संस्कृति का भव्य दृश्य देखने को मिल रहा है। ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो राजस्थान स्वयं रांची में उतर आया हो। इस अवसर पर राजस्थान से आए कलाकारों ने लोकगीत, लोकनृत्य, कठपुतली नृत्य, हास्य प्रस्तुति और पारंपरिक रंगों के माध्यम से दर्शकों को आनंदित किया।
महोत्सव का प्रमुख आकर्षण राजस्थानी व्यंजनों की चोखी धाणी रही, जहां 30 से अधिक पारंपरिक स्वादिष्ट व्यंजनों का लोग जमकर आनंद ले रहे हैं। रंगारंग कार्यक्रमों में घूमर, कालबेलिया, लोकनाट्य, लोकगीत और पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता ने राजस्थान की जीवंत परंपराओं को सजीव कर दिया।
कार्यक्रम में मेहंदी, पगड़ी बांधने की कला, लोकगीत, हास्य कार्यक्रम और सांस्कृतिक मंचन भी आकर्षण का केंद्र रहे। महोत्सव को सफल बनाने में झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल, महामंत्री विनोद कुमार जैन सहित दोनों संस्थाओं के पदाधिकारी और सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar