आदिवासी अधिकारियों की उपेक्षा पर मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग, आंदोलन की चेतावनी

 


रांची, 23 मई (हि.स.)। खिजरी विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस के विधायक राजेश कच्छप ने अपनी ही सरकार की प्रशासनिक नीतियों और कार्यशैली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने लगातार हो रहे आदिवासी अधिकारियों के तबादलों और थानों में थानेदारों की पोस्टिंग के तरीकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने शनिवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर साफ तौर पर कहा है कि राज्य में आदिवासियों के हितों की उपेक्षा हो रही है और इसकी रक्षा के दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खा रहे हैं।

विधायक ने कहा कि राज्य में लगातार आदिवासी समुदाय के योग्य और ईमानदार अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों से हटाकर लूप लाइन में भेजा जा रहा है।

उन्होंने सरकार तबादला नीति को असंतुलित बताया और कहा कि अधिकारियों के हो रहे तबादलों से प्रशासनिक स्थिरता प्रभावित हो रही है, इससे विकास कार्य ठप हैं।

विधायक ने कहा कि थानेदारों की पोस्टिंग में धांधली हो रही है। स्थानीय थानों में प्रभारियों की नियुक्ति में पारदर्शिता का घोर अभाव है। योग्य पुलिस अधिकारियों को दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इससे जनता में असंतोष बढ़ रहा है। विधायक ने कहा कि गलत प्रशासनिक फैसलों और थानों के इस रवैये के कारण खिजरी सहित पूरे राज्य की जनता नाराज है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। विधायक ने कहा है कि यदि आदिवासी अधिकारियों के साथ न्याय नहीं हुआ और थानों की पोस्टिंग प्रक्रिया में सुधार नहीं किया गया, तो वे जनता की आवाज को सदन से लेकर सड़क तक और अधिक प्रखरता से उठाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak