सुमित हत्याकांड के एक और आरोपित ने कोर्ट में किया आत्मसमर्पण

 


रामगढ़, 06 अगस्त (हि.स.)। रामगढ़ शहर के न्यू कॉलोनी बगीचा में हुई सुमित अग्रवाल की हत्या के मामले में एक अन्य आरोपित पुरुषोत्तम कुमार उर्फ फुचकुन ने रामगढ़ व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व पुलिस ने इस कांड में शामिल तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस की दबिश के कारण पुरुषोत्तम कुमार ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। यह आत्मसमर्पण तब हुआ जब पुलिस लगातार पुरुषोत्तम की गिरफ्तारी के लिए बिहार और झारखंड के विभिन्न जिलों में छापेमारी कर रही थी। पुलिस की दबिश इसके कारण ही सुमित की हत्या का आरोपित पुरुषोत्तम कोर्ट की शरण में गया। उसे पता था कि अगर पुलिस उसे पकड़ती है तो उसके सारे काले चिट्ठे उजागर हो जाएंगे।

सुमित की पत्नी मनीषा ने भी पुरुषोत्तम पर गंभीर आरोप लगाए थे। उसने कहा था कि जब सुमित अपने घर में था, तो पुरुषोत्तम ने ही उसे फोन किया था। उसके फोन करने के बाद ही सुमित अपनी बाइक से घर से बाहर निकला। इसके बाद वह कभी लौटकर वापस नहीं आया।

सुमित की हत्या के मामले में पुलिस ने काफी गंभीरता से कार्रवाई की। डीएसपी हेड क्वार्टर अकरम रज़ा और रामगढ़ थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे ने वारदात की सूचना के 12 घंटे के अंदर ही मामले का उद्वेदन कर दिया। 28 जुलाई की रात हुई घटना के तीन दिन बाद 01 अगस्त को हत्या में शामिल सूरज कुमार दास उर्फ छोटू को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। इसके बाद 03 अगस्त को सुमित सोनी और अभिषेक कुमार साहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

आरोपितों ने बताया कि नशे के व्यापार और लेन-देन के मामले में सुमित के साथ उनकी नोंक-झोंक हुई। यह नोंक-झोंक हिंसक वारदात में बदली। उन लोगों ने सुमित पर चाकू से पीछे से वार किया जिससे सुमित की मौत हो गई। इस वारदात में पुरुषोत्तम भी उनका सहभागी था। तीन लोगों की गिरफ्तारी के बाद पुरुषोत्तम ने खुद ही न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश