ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा और अधिकमास पर बाबा मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
देवघर, 31 मई (हि.स.)। ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा और अधिकमास के पावन अवसर पर रविवार को बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही।
सुबह से ही श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन-पूजन के लिए लंबी कतारों में खड़े दिखाई दिए। सामान्य दर्शन के साथ-साथ शीघ्र दर्शनम् कूपन काउंटर पर भी श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें मंदिर परिसर से बाहर तक देखी गईं।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस पदाधिकारी एवं जवान लगातार तैनात रहे। मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहने से श्रद्धालुओं को भी राहत मिली और दर्शन-पूजन का क्रम सुचारू रूप से चलता रहा।
इस विशेष अवसर के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बाबा मंदिर के तीर्थ पुरोहित प्रवीन ठाकुर ने बताया कि अधिकमास, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है, सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह माह भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इस दौरान किए गए जप, तप, दान और पूजा का फल कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि अधिकमास की पूर्णिमा का महत्व और भी अधिक माना गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वर्ष 2026 में अधिकमास की पूर्णिमा तिथि 30 मई की सुबह से शुरू होकर 31 मई की दोपहर तक रही। उदया तिथि के आधार पर पूर्णिमा का विशेष पुण्यकाल रविवार को माना गया। ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती है। इस दिन गंगा स्नान, भगवान विष्णु और चंद्र देव की पूजा, व्रत, जप-तप और दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है।
मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन पवित्र नदी में स्नान और श्रद्धापूर्वक दान करने से पापों का नाश होता है एवं मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। पूर्णिमा और अधिकमास के शुभ संयोग पर बाबा नगरी देवघर भक्तिमय माहौल में डूबी रही और दिनभर श्रद्धालुओं का मंदिर में आगमन जारी रहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy