(अपडेट) सीजीएल से नियुक्त कर्मचारियों का परीक्षा रद्द करने के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन

 


रांची, 18 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा जेपीएससी-जेएसएससी सीजीएल समेत टीडीपीएल एजेंसी की ओर से आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा के बाद सीजीएल के माध्यम से नियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ गया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने प्रोजेक्ट भवन के अंदर और शाम को धुर्वा स्थित प्रोजेक्ट भवन के बाहर प्रदर्शन किया। तेज बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर डटे रहे।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने कहा कि सरकार की ओर से फिलहाल केवल मौखिक रूप से परीक्षा रद्द करने की घोषणा की गई है। इस संबंध में उन्हें अब तक कोई आधिकारिक अधिसूचना या विभागीय आदेश नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि जब तक कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं होता, वे पूर्व की तरह कार्यालय पहुंचकर नियमित कामकाज करते रहेंगे।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी सेवा समाप्त करने या काम करने से रोकने की कार्रवाई की गई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर प्रोजेक्ट भवन से विधानसभा तक प्रदर्शन किया जाएगा और वे उग्र आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेंगे।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, सीजीएल परीक्षा को लेकर पहले विवाद सामने आने के बाद मामले की सीआईडी जांच कराई गई थी और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही उनकी नियुक्ति हुई। ऐसे में बिना आधिकारिक आदेश या न्यायिक प्रक्रिया के उनकी नौकरी समाप्त करना उचित नहीं होगा।

उन्होंने सवाल उठाया कि केवल कुछ संगठनों के दबाव में सरकार उनके साथ अन्याय कैसे कर सकती है। कई कर्मचारियों ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय स्तर की नौकरियां छोड़कर सीजीएल के माध्यम से झारखंड सरकार की सेवा ज्वाइन की थी। अब अचानक नौकरी पर संकट खड़ा होने से उनके भविष्य को लेकर गंभीर अनिश्चितता पैदा हो गई है।

कर्मचारियों ने कहा कि वे नियमित रूप से कार्यालय पहुंचकर काम करते रहेंगे। साथ ही उन्होंने सरकार से उनकी सेवा और भविष्य को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar