स्कूल खास दुकानों से किताबें खरीदने का बना रहे दबाव : अजय
-निजी स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि को लेकर अभिभावकों ने उपायुक्त से की कार्रवाई की मांग
रांची, 04 अप्रैल (हि.स.)। झारखंड में निजी स्कूलों द्वारा फीस में मनमानी बढ़ोतरी और अन्य अनियमितताओं को लेकर अभिभावकों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने रांची के उपायुक्त को ई-मेल के माध्यम से पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने शनिवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि कई निजी विद्यालयों ने अब तक किताबों की सूची जारी नहीं की है। वहीं, कुछ स्कूल अभिभावकों पर अपनी सांठ-गांठ वाली विशेष दुकानों से ही किताबें खरीदने का दबाव बना रहे हैं, जो शिक्षा बोर्ड के नियमों का खुला उल्लंघन है।
एसोसिएशन ने प्रशासन से मांग की है कि फीस निर्धारण कमेटी की तत्काल बैठक बुलाई जाए और जिन स्कूलों ने अतिरिक्त शुल्क वसूला है, उसे वापस कराया जाए। साथ ही दोषी स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और अभिभावकों की शिकायतों के समाधान के लिए हेल्पलाइन भी शुरू की जाए।
अजय राय ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026–27 के दौरान फीस वृद्धि, पुस्तक सूची जारी न करना और निर्धारित दुकानों से खरीदारी के लिए मजबूर करने जैसे गंभीर मुद्दों को उपायुक्त के समक्ष प्रमुखता से उठाया गया है।
पत्र में यह भी बताया गया है कि ज़िला प्रशासन द्वारा गठित 'शुल्क निर्धारण समिति' ने अब तक एक भी बैठक नहीं की है। इसके बावजूद, कई निजी स्कूलों ने मासिक शुल्क, वार्षिक शुल्क, विकास शुल्क और कंप्यूटर शुल्क में 15 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर दी है, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar