निजी स्कूलों की मनमानी पर जुर्माना लगना तय : उपायुक्त
रांची, 06 अप्रैल (हि.स.)।
झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम 2017 के तहत जिला स्तरीय शुल्क निर्धारण समिति की पहली बैठक सोमवार को उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में हुई।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि निजी विद्यालयों की फीस में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत दिलाना अहम कार्य है। इसमें कोताही बरतनेवाले स्कूलों पर कार्रवाई होना तय है। नियम की अनदेखी या उल्लंघन की स्थिति में 50 हजार से 2.5 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि निजी विद्यालय अपनी शुल्क समिति की सहमति से अधिकतम 10 प्रतिशत तक ही फीस वृद्धि कर सकेंगे, जबकि इससे अधिक वृद्धि के लिए जिला समिति की पूर्व स्वीकृति जरूरी होगी। विद्यालयों को पिछले तीन शैक्षणिक सत्रों का कक्षावार शुल्क विवरण प्रस्तुत करना जरूरी किया गया है। प्रत्येक विद्यालय में शुल्क समिति और अभिभावक-शिक्षक संघ (पीटीए) का गठन और उसकी जानकारी वेबसाइट और सूचना पट्ट पर प्रदर्शित करना भी जरूरी होगा। एनसीईआरटी के अतिरिक्त पुस्तकों को बाध्यकारी नहीं बनाया जाएगा और पुस्तक परिवर्तन पांच वर्ष में एक बार ही संभव होगा। परिवहन, यूनिफॉर्म और अन्य शुल्क पर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किया गया। उन्होंने कहा कि किसी छात्र को परीक्षा से वंचित नहीं किया जाएगा और अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा।
इस दौरान अधिकारी कर्मी सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar