तिकड़म और सत्ता के दुरूपयोग के बाद भी निकाय चुनाव में सत्ताधारी गठबंधन की हुई हार : आदित्य साहू

 


रांची, 28 फरवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद आदित्य साहू ने राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के तिकड़म,षड्यंत्र और सत्ता के दुरूपयोग के बाद भी निकाय चुनाव में सत्ताधारी गठबंधन की हार हुई है।

साहू ने शनिवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रेसवार्ता कर कहा कि बड़ी संख्या में वार्ड से लेकर नगर निगम,नगर परिषद और नगर पंचायतों में हमारे विचार परिवार के कार्यकर्ताओं की जीत हुई है।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव की घोषणा के साथ ही कहा था कि पार्टी चाहेगी कि राष्ट्रवादी सोच और सेवाभावी कार्यकर्ता निकाय चुनाव में जीत कर आएं। चुनाव परिणामों से स्पष्ट हुआ है कि जनता का झुकाव भाजपा की सोच और विचारों के अनुकूल है।

उन्होंने कहा कि सबसे पहले तो यह सरकार निकाय चुनाव कराना ही नहीं चाहती थी। आज कह सकते हैं कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने जिस प्रकार न्यायालय में निकाय चुनाव के लिए संघर्ष किए और पार्टी ने भी सड़क से सदन तक जो आंदोलन किए, उसका परिणाम है कि आज निकाय चुनाव झारखंड में संपन्न हुए।

उन्होंने कहा कि चुनाव की घोषणा के बाद भी सरकार साजिश से बाज नहीं आई। ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने का निर्णय खुल्लम खुल्ला मतदान को प्रभावित करने की कोशिश थी, जो पूरी तरह सच साबित हुआ।रांची नगर निगम चुनाव में भाजपा समर्थित उम्मीदवार रोशनी खलखो सहित अन्य उम्मीदवारों का लगभग 40 हजार वोट रद्द होना, यह साबित करता है कि राज्य सरकार ने कैसे—कैसे चक्रव्यूह भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को हराने के लिए किए थे।

उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं भाजपा ने पहले भी कहा था कि पुलिस प्रशासन का पूरी तरह राज्य सरकार दुरूपयोग करेगी। टूल किट के रूप में उपयोग करेगी। और हुआ भी वही। उन्होंने चक्रधरपुर,चाईबासा,चास,देवघर में यह बात पूरी तरह साबित हुई कि भाजपा समर्थित जीते हुए उम्मीदवारों को प्रशासन के सहयोग से हराया गया है। जबकि राज्य सरकार के स्तर पर सभी 48 निकायों में मतगणना को प्रभावित करने की हर संभव कोशिश की गई।

उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के द्वारा वोट को खरीदने के लिए खुलेआम नोटों के बंडल बांटे गए। खुलेआम एक वोट के लिए 3000 देने की बात मीडिया में चली है।

उन्होंने कहा कि दलीय आधार पर चुनाव नहीं होने के बाद भी सत्ताधारी झामुमो के केंद्रीय पदाधिकारी ने रांची में पार्टी कार्यालय से प्रेसवार्ता कर अपने उम्मीदवार के पक्ष में वोट मांगे। साइलेंस पीरियड में पार्टी कार्यालय से प्रेसवार्ता कर वोट मांगे। आचार संहिता का खुल्लम—खुल्ला उल्लंघन किया। आचार संहिता के बीच मईयां सम्मान की राशि बांटकर वोट खरीदने की कोशिश हुई। इन सब के बीच नगर निकाय चुनाव में जनता ने राज्य के सत्ता धारी दलों को हराया है।---------------

हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे