धर्म की अक्षुणता और सनातन समाज की सुरक्षा ही विहिप का प्रथम लक्ष्य: बीरेंद्र बिमल
लोहरदगा, 02 अगस्त (हि.स.)। विश्व हिंदू परिषद प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक ज़िले के गुदरी बाजार स्थित मुद्रिका भवन में हुई।
बैठक में सैकड़ों प्रांतीय, केन्द्रीय और राज्य के विभिन्न जिलों के पदाधिकारी की उपस्थिति में पटना गुवाहाटी क्षेत्र धर्माचार्य प्रमुख बीरेंद्र बिमल, क्षेत्र मंत्री बीरेंद्र साहू, प्रान्त उपाध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव, प्रान्त मंत्री मिथिलेश्वर मिश्रा, मार्गदर्शन मंडली संयोजक चैतन्य स्वामी कृष्ण ब्रह्मचर्य, सह मंत्री मनोज पोद्दार, रामनरेश सिंह, विश्व हिंदू परिषद के ज़िला अध्यक्ष रीतेश कुमार शामिल हुए।
सभी अतिथियों ने संयुक्त रूप से भारत माता एवं श्रीराम दरबार मे पुष्पार्जन कर प्रांतीय कार्यसमिति बैठक का शुभारंभ किया।
इस दौरान पटना गुवाहाटी क्षेत्र धर्माचार्य प्रमुख बीरेंद्र बिमल ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद का प्राथिमकता सनातन धर्म की अक्षुण्यता और सनातनियों एवं देश की रक्षा है। आज हमारे समाज के कुछ बच्चे गलत लोग हिन्दू द्रोहियों के बहकावे में आकर धर्म विरोधी गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि आम जनता के चुने गये जनप्रतिनिधि संसद भवन में सनातन धर्म का मज़ाक उड़ा रहे है। साधु संतों की वेश भूषा बनाकर गलत तरीके से उनके सम्मान को आघात पहुंचा रहे हैं। आज सनातनियों को समझना होगा कि धर्म को बचाने के लिए किस तरह का कदम सही होगा। आत्मावलोकन की आवश्यकता है।
हमारी स्वरूप हमारी शील चरित्र, वाणी की क्या प्रमाणिकता है, इसकी समीक्षा कीजिये। सनातनियों की प्रमाणिकता और पहचान के लिए सर्वप्रथम हमें अपनी ललाट पर तिलक अवश्य लगानी चाहिये। सनातनियों की विशेषता है कि अपने लोगो के बीच विचारों से असहमत लोगो की बीच सहमति बनाना है। युवओं को सही दशा और दिशा देने के लिए उन्हें नशापन से दूर रखने की ज़रुरत है। नशा के कारण हमारी पीढियां बर्बाद हो रही है। इसलिए अभिवावको को चाहिये कि अपने बच्चों में नियंत्रण संस्कारों को आत्मसात का प्रयास करना चाहिए।
सनातन धर्म की अक्षुण्यता के लिये सदियों से सनातन वीर त्याग और बलिदान उदहारण प्रस्तुत करते रहे है। हमारी परिवार व्यवस्था सर्वसमाज में मजबूती के लिए पहचानी जाती है, सनातन की पहचान उनकी वीरता और राष्ट्रभक्ति से है। धर्म और देश के लिए मर मिटने वालों में सनातनी सदैव तत्पर रहने वालों में से है। लेकिन कुछ हिन्दू द्रोही विधर्मियो से मिलकर इस परिवार व्यवस्था पर चोट करने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए विश्व हिंदू परिषद का प्रत्येक कार्यकर्ता को समर्पण के साथ धर्म और देश की अक्षुण्यता के लिए समर्पित रहकर काम करना ही प्रथम लक्ष्य है।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोपी कृष्ण कुँवर