त्योहारों को लेकर पुलिस अलर्ट, सभी एसपी को विशेष निगरानी के निर्देश
रांची, 05 नवंबर (हि.स.)। दीपावली और धनतेरस के त्योहार को देखते हुए झारखंड पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की है। त्योहारों के दौरान बैंकों, ज्वेलरी दुकानों और बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ के साथ-साथ आपराधिक घटनाओं की आशंका को देखते हुए सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है।
झारखंड पुलिस के प्रवक्ता सह आईजी अभियान नरेंद्र सिंह ने गुरुवार को बताया कि अक्टूबर से दिसंबर तक का समय अपराध के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। इस दौरान शाम के समय अंधेरा जल्दी होने और त्योहारों में लोगों की आवाजाही बढ़ने के कारण आपराधिक घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है।
पिछले वर्षों के अनुभव को देखते हुए पुलिस इस बार पहले से ही सतर्कता बरत रही है। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा का त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ है। अब पुलिस के सामने अगला लक्ष्य दीपावली और उसके बाद छठ पूजा को शांतिपूर्ण संपन्न कराना है। धनतेरस के दिन बड़ी संख्या में लोग सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान खरीदने के लिए बाजारों में निकलते हैं। ऐसे में ज्वेलरी दुकानों और बैंकों को अपराधियों के निशाने से बचाना पुलिस की प्राथमिकता है।
खास तौर पर बैंक लूट और ज्वेलरी दुकानों को निशाना बनाने की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इन प्रतिष्ठानों की सुरक्षा पर विशेष फोकस करने को कहा गया है। थानेदारों को अपने अपने क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाने और जांच अभियान का रजिस्टर तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
आईजी अभियान ने बताया कि सभी एसपी को निर्देश दिया गया है कि वे अपने जिले के बैंक प्रबंधकों और ज्वेलरी दुकान संचालकों के साथ बैठक करें। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जाए। दुकानों और बैंकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की जांच की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी कैमरे ठीक से काम कर रहे हों और उनकी निगरानी के लिए बना कंट्रोल सिस्टम भी पूरी तरह अपडेट हो। पुलिस का मानना है कि किसी भी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने से पहले अपराधी संबंधित बैंक या दुकान की रेकी करते हैं। ऐसे में अगर कोई अनजान व्यक्ति लगातार दो-तीन दिनों तक किसी बैंक या ज्वेलरी दुकान के आसपास संदिग्ध तरीके से घूमता दिखाई देता है, तो इसकी सूचना तत्काल नजदीकी थाने को दी जानी चाहिए।
आईजी अभियान ने आम लोगों, बैंक कर्मियों और ज्वेलरी दुकान संचालकों से भी सतर्क रहने की अपील की है। आईजी अभियान ने कहा कि सभी दुकानदार अपने नजदीकी थाना प्रभारी का मोबाइल नंबर जरूर रखें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। इसके लिए आपातकालीन सेवा नंबर 112 का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई के लिए क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) की भी मदद ली जाएगी। बैंक और ज्वेलरी दुकान संचालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने क्षेत्र के थाना प्रभारी से मिलकर सुरक्षा से जुड़ी जरूरी जानकारी साझा करें और पुलिस के साथ समन्वय बनाए रखें।
दीपावली के दौरान पटाखों और आतिशबाजी के कारण आग लगने की घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। इसे देखते हुए पुलिस ने अग्निशमन विभाग के साथ भी समन्वय स्थापित किया है।
आईजी अभियान नरेंद्र सिंह ने बताया कि इस संबंध में अग्निशमन विभाग के डीआईजी से बातचीत की गई है। संबंधित जिलों के अग्निशमन अधिकारियों को अपने-अपने जिला कंट्रोल रूम के साथ लगातार संपर्क में रहने को कहा गया है।
आईजी अभियान नरेंद्र सिंह ने आम लोगों से अपील की है कि त्योहार के दौरान थोड़ी सी सतर्कता बड़ी आपराधिक घटनाओं को रोकने में मददगार साबित हो सकती है। बाजारों में खरीदारी के दौरान अपने सामान और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखें। किसी भी अनजान या संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। पुलिस का लक्ष्य दीपावली और छठ पूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और भयमुक्त माहौल में संपन्न कराना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे