देवघर के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लहराया परचम
देवघर, 04 नवंबर (हि.स.)। देवघर जिले के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर जिले के साथ झारखंड और देश का नाम रोशन किया है। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर बुधवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने सफल खिलाड़ियों और तकनीकी पदाधिकारियों से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी। उन्होंने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए जिला खेल पदाधिकारी को उन्हें आवश्यक संसाधन, प्रशिक्षण और सहयोग उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
ओडिशा के बलांगीर में 23 से 26 अक्टूबर 2026 तक आयोजित छठी अंडर-25 नेशनल लॉन बाउल्स चैंपियनशिप में देवघर के खिलाड़ियों ने झारखंड का प्रतिनिधित्व करते हुए कुल तीन पदक अपने नाम किए। इनमें एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक शामिल हैं।
प्रतियोगिता में सूरज कुमार केशरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। वहीं, सोनी कुमारी गुप्ता ने अंडर-25 एकल स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। करण कुमार ने अंडर-25 मिक्स्ड पेयर्स स्पर्धा में बेहतरीन तालमेल का प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया।
देवघर के आलोक कुमार का चयन कॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप 2026 के लिए तकनीकी पदाधिकारी के रूप में हुआ था। अहमदाबाद, गुजरात में 21 से 31 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत सहित 14 देशों ने भाग लिया। अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में तकनीकी पदाधिकारी के रूप में योगदान देकर आलोक कुमार ने जिले का गौरव बढ़ाया।
योग के क्षेत्र में भी देवघर के रक्षित चंद्र झा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। थाईलैंड में वर्ल्ड फेडरेशन फॉर योग स्पोर्ट्स, एशिया पैसिफिक द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग प्रतियोगिता में रक्षित ने सब-जूनियर ट्रेडिशनल योग और आर्टिस्टिक योग स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कांस्य पदक जीतकर देश और जिले को गौरवान्वित किया।
खिलाड़ियों और तकनीकी पदाधिकारियों से मुलाकात के दौरान उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने कहा कि देवघर में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यहां के बच्चे अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। जिला प्रशासन इन प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगा।
उन्होंने जिला खेल पदाधिकारी को निर्देश दिया कि खिलाड़ियों की जरूरतों का आकलन कर उनके लिए आवश्यक खेल संसाधन, बेहतर प्रशिक्षण और अन्य सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाएं, ताकि वे भविष्य की प्रतियोगिताओं में और बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy