झारखंड में प्रखंड स्तर पर बनेंगे कस्टम हायरिंग सेंटर : शिल्पी तिर्की

 


रांची, 14 अक्टूबर (हि.स.)। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि किसानों को आधुनिक कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रखंड स्तर पर कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही गांवों में सामूहिक पक्के थ्रेसिंग फ्लोर बनाने की पहल की जाएगी। मंत्री बुधवार को नेपाल हाउस स्थित सचिवालय में भूमि संरक्षण निदेशालय के कार्यों की समीक्षात्मगक बैठक में निर्देश देते हुए बोल रही थी।

मंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने और उनकी जरूरतों को प्राथमिकता देने पर है। इसी उददेश्य से इस तरह के कार्य किए जा रहे हैं। मंत्री ने गांवों में सार्वजनिक उपयोग के लिए पक्के थ्रेसिंग फ्लोर बनाने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया। इससे किसानों को धान की मिसाई, गेहूं की मड़ाई और मड़ुवा की कुटाई के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध हो सकेगा। बैठक में बड़े ट्रैक्टरों पर वर्तमान में मिलने वाली 50 प्रतिशत सब्सिडी बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। हालांकि, सब्सिडी बढ़ाने पर अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं की गई।

मंत्री ने भूमि संरक्षण निदेशालय के अधिकारियों के लिए वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर जारी करने का निर्देश दिया, ताकि उनकी तकनीकी दक्षता और योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार हो। बैठक में कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से किसानों को कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध कराने पर सहमति बनी। इससे छोटे और सीमांत किसानों को महंगे उपकरण खरीदने की जरूरत कम होगी और खेती में मशीनीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में विभागीय सचिव अबूबकर सिद्दीक, विशेष सचिव गोपाल तिवारी और भूमि संरक्षण निदेशक विकास कुमार मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar