पेट्रोलियम नियंत्रण आदेश से उत्पन्न समस्याओं पर डीलर्स एसोसिएशन ने मंत्री को सौंपा ज्ञापन
रांची, 15 जून (हि.स.)। झारखंड पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से नेपाल हाउस स्थित उनके कार्यालय में मुलाकात कर केंद्र सरकार के नए पेट्रोलियम नियंत्रण आदेश से उत्पन्न व्यावहारिक समस्याओं पर ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को अवगत कराया कि 11 जून 2026 की अधिसूचना के तहत पेट्रोल पंपों से एक ग्राहक को प्रतिदिन अधिकतम 200 लीटर डीजल देने की सीमा तय की गई है। साथ ही वाहनों में अतिरिक्त डीजल की आपूर्ति केवल पीईएसओ प्रमाणित कंटेनरों के माध्यम से ही करने का प्रावधान किया गया है।
डीलर्स एसोसिएशन ने आशंका जताई कि इस नई व्यवस्था से अस्पताल, स्कूल-कॉलेज, कृषि कार्य, मोबाइल टावर, निर्माण परियोजनाएं, उद्योग, स्टोन क्रशर, ईंट भट्ठे, सिंचाई कार्य और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि पीईएसओ प्रमाणित कंटेनर बाजार में आसानी से उपलब्ध नहीं हैं और उनकी लागत भी काफी अधिक है, जिससे छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने विभागीय सचिव को बुलाकर स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के आदेशों का पालन राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी है, लेकिन इसके क्रियान्वयन से झारखंड में आवश्यक सेवाओं और विकास गतिविधियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी चिंताओं को केंद्र सरकार के समक्ष गंभीरता से रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही नई दिल्ली में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री से मुलाकात कर झारखंड की परिस्थितियों और जनता की समस्याओं से अवगत कराएंगे, ताकि नियमों के पालन के साथ जनहितों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar