पेंचक सिलाट आत्मरक्षा और एकाग्रता का उत्कृष्ट माध्यम: आदित्य मल्होत्रा
रांची, 10 मई (हि.स.)। मोरहाबादी इंडोर स्टेडियम, रांची में द्वितीय रांची जिला पेंचक सिलाट चैम्पियनशिप 2026-27 का आयोजन रविवार को रांची जिला पेंचक सिलाट एसोसिएशन के तत्वावधान में किया गया। प्रतियोगिता में टांडिंग, तुंग्गल, गंडा, रेगु और सोलो इवेंट्स में लगभग 170 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मौके पर उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि पेंचक सिलाट जैसे खेल आत्मरक्षा, एकाग्रता और अनुशासन का उत्कृष्ट माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को आत्मरक्षा की तकनीक आनी चाहिए, जो इस खेल के माध्यम से संभव है। यह खेल न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनाता है। उन्होंने यह भी कहा कि फुटबॉल और क्रिकेट जैसे खेलों की चर्चा अधिक होती है, लेकिन पेंचक सिलाट जैसे खेल समाज में आत्मविश्वास और सजगता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस खेल के प्रचार-प्रसार के लिए वे सरकार से वार्ता करेंगे और इसे गांव-गांव तक पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे। साथ ही एसोसिएशन के लिए स्वयं का भवन उपलब्ध कराने के प्रयास का भी उन्होंने उल्लेख किया। इसलिए अवसर पर चेंबर अध्यक्ष ने एसोसिएशन की ओर से गुजरात के आनंद में आयोजित पेंचक सिलाट के नेशनल टूर्नामेंट में झारखंड से शामिल बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
रांची जिला पेंचक सिलाट एसोसिएशन के अध्यक्ष किशोर मंत्री ने कहा कि अब झारखंड के बच्चे इस खेल में भी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन के खिलाड़ियों ने गुजरात के आनंद में आयोजित नेशनल टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 05 खिलाड़ियों ने कांस्य (ब्रॉन्ज), 01 खिलाड़ी ने स्वर्ण (गोल्ड) और 01 खिलाड़ी ने रजत (सिल्वर) पदक प्राप्त कर राज्य का नाम रोशन किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak