मनुष्य के हृदय में होता है भगवान का वास : पं. शक्ति
रांची, 24 मार्च (हि.स.)। चैत्र नवरात्र के अवसर पर श्री यज्ञ बाबा आश्रम दुर्गा मंदिर मोरहाबादी में आयोजित श्रीराम कथा सह नवचंडी यज्ञ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। पूरा मंदीर परिसर भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर है।
मंदिर में मंगलवार को काशी से पधारे कथावाचक पंडित शक्ति तिवारी ने अपने प्रवचन में कहा कि भगवान का सच्चा निवास मनुष्य के हृदय में होता है। उन्होंने रामचरितमानस को जीवन का मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि यह ग्रंथ मनुष्य को सही दिशा और जीवन जीने की कला सिखाता है। कथा के पंचम सत्र में धनुष यज्ञ प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि जहां अनेक राजा अहंकार में धनुष तोड़ने आए, वहीं भगवान श्रीराम ने विनम्रता के साथ उसे सहजता से भंग किया।
इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने अहंकार त्याग और विनम्रता अपनाने का संदेश दिया। महाराज ने आगे कहा कि जब मनुष्य अपने साथ सम्मान की अपेक्षा लेकर चलता है, तो कई बार उसे अपमान का सामना करना पड़ता है। इसलिए भगवान श्रीराम की तरह जीवन में अहंकार का त्याग, विनम्रता और श्रद्धा का भाव ही सच्ची सफलता और शांति का मार्ग है। कार्यक्रम में यज्ञाचार्य के रूप में वाराणसी के पंडित बंटी पांडे अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि मुख्य यजमान के रूप में विकास पांडे सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
मौके पर विकास पांडे ने बताया कि कथा प्रतिदिन शाम 04 बजे से 07 बजे तक आयोजित की जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर कथा श्रवण कर पुण्य के भागी बन रहे हैं।
अनुष्ठान में यज्ञ बाबा आश्रम के महंत भरत दास महाराज, रिलेशन्स के निदेशक आशुतोष द्विवेदी, श्याम पांडे, चंदन पांडे, हरीश कुमार सहित अन्य मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar