(अपडेट)) मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण पूरी तरह पारदर्शी और सहभागी प्रक्रिया : के. रवि कुमार
रांची, 30 जून (हि.स.)। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पूरी तरह सहभागी, पारदर्शी और विधिसम्मत प्रक्रिया है। इसके प्रत्येक चरण का अंकेक्षण किया जाता है तथा किसी भी स्तर पर आपत्ति या त्रुटि की स्थिति में अपील का भी प्रावधान है।
रांची स्थित निर्वाचन सदन में मंगलवार को आयोजित प्रेसवार्ता में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के सबसे महत्वपूर्ण चरण ‘इन्यूमरेशन फेज’ के शुभारंभ की जानकारी देते हुए के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो। उन्होंने बताया कि राज्यभर में बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) और बीएलए-2 (बूथ लेवल एजेंट) की बैठकें आयोजित की गई हैं। साथ ही सभी मतदान केंद्रों के लिए बीएलओ को आंशिक रूप से भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध करा दिए गए हैं।
के. रवि कुमार ने बताया कि इन्यूमरेशन फेज के शुभारंभ के अवसर पर व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया गया। दो दिवसीय सोशल मीडिया अभियान के पहले दिन मतदाता साक्षरता क्लब (ईएलसी) के माध्यम से राज्यभर में मतदाताओं और भावी मतदाताओं को एसआईआर से संबंधित पोस्टर एवं वीडियो दिखाकर जानकारी दी गई। दूसरे दिन सभी जिलों के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल, मीडिया संस्थानों और डिजिटल क्रिएटर्स ने 'हैशटैग झारखंड एसआइआर' (#JharkhandSIR) के माध्यम से इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया, जिसे सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिली।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि 30 जून से 29 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को आंशिक रूप से भरा हुआ इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगे। मतदाताओं को उसमें आवश्यक विवरण सत्यापित कर शेष जानकारी भरकर संबंधित बीएलओ को जमा करनी होगी। उन्होंने कहा कि जो मतदाता राज्य से बाहर रह रहे हैं, वे ऑनलाइन माध्यम से अपने बीएलओ से संपर्क कर फॉर्म जमा कर सकते हैं। यदि कोई मतदाता घर पर उपलब्ध नहीं है, तो उसके पात्र परिजन भी उसकी ओर से फॉर्म भरकर जमा कर सकते हैं।
के. रवि कुमार ने आगे बताया कि मतदाताओं के विवरण का सत्यापन दो स्तरों पर किया जाएगा। पहले चरण में बीएलओ सुपरवाइजर और दूसरे चरण में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) अथवा सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ) इसकी जांच करेंगे, ताकि पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता और शुद्धता बनी रहे।
उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया केवल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है और गैर-भारतीय नागरिकों को इसमें भाग नहीं लेना चाहिए। जो भी पात्र भारतीय नागरिक निर्धारित अवधि में इन्यूमरेशन फॉर्म जमा करेंगे, उनका नाम 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली मतदाता सूची के प्रारूप में शामिल किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इन्यूमरेशन फॉर्म भरते समय मतदाताओं को किसी भी प्रकार का दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। यदि किसी मतदाता की पूर्व विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मैपिंग नहीं हो सकी है, तो वह बीएलओ को आवश्यक जानकारी देकर अपनी मैपिंग सुनिश्चित करा सकता है। जन्मतिथि के आधार पर स्वयं अथवा माता-पिता में से किसी एक या दोनों के विवरण साझा कर यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि पांच श्रेणियों के मतदाताओं अनुपस्थित (एब्सेंट), स्थायी रूप से स्थानांतरित (परमानेंटली शिफ्टेड), मृत (डेथ), डुप्लिकेट तथा गैर-भारतीय नागरिकों के नाम मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन में शामिल नहीं किए जाएंगे। उन्होंने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 का उल्लेख करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक को मताधिकार मिले और मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध एवं त्रुटिरहित हो। उन्होंने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं सहभागी है तथा इसके प्रत्येक चरण की जानकारी सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे