एनएचएम कर्मियों के ईपीएफ का रास्ता साफ, 11 हजार से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

 


रांची, 18 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के 15 हजार रुपये से अधिक मानदेय पाने वाले कर्मियों को भी कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) के दायरे में लाने की तैयारी शुरू हो गई है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई एनएचएम की समीक्षा बैठक में इस संबंध में संशोधित प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया।

प्रस्ताव लागू होने पर राज्य के 11 हजार से अधिक एनएचएम कर्मियों को ईपीएफ का लाभ मिलने की संभावना है। बैठक में ईपीएफ के अलावा बजट, ममता वाहन, तंबाकू नियंत्रण, नेत्र जांच, कुष्ठ रोग नियंत्रण और मानव संसाधन से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि वर्तमान में 15 हजार रुपये से कम मानदेय पाने वाले एनएचएम कर्मियों के लिए ईपीएफ लागू है, जबकि इससे अधिक मानदेय पाने वाले कर्मी इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इस पर अपर मुख्य सचिव ने 15 हजार रुपये को बेसलाइन मानते हुए अधिक मानदेय पाने वाले कर्मियों को भी ईपीएफ के दायरे में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा।

अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने झारखंड एनएचएम के लिए 3124.75 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। ममता वाहन की वर्तमान भुगतान दर में संशोधन के लिए भी प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में सीएचसी स्तर पर तंबाकू नियंत्रण केंद्र शुरू करने और प्रत्येक सीएचसी में आंखों की जांच की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। इसके लिए मशीनें उपलब्ध कराने के साथ जरूरतमंद मरीजों को चश्मा भी वितरित किया जाएगा।

कुष्ठ रोगियों के लिए विशेष चप्पल और दिव्यांगता प्रबंधन की सुविधा सदर अस्पताल और सीएचसी स्तर तक विस्तार करने पर चर्चा हुई। एनएचएम में राज्य से जिला स्तर तक पदों की नई संरचना तैयार करने और स्वास्थ्य सेवाओं के अनुरूप मानव संसाधन मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा सहित विभाग और मिशन के कई पदाधिकारी मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar