अभिभावक खुले बाजार से पुस्तक और कॉपी खरीदने के लिए स्वतंत्र : उपायुक्त

 


रांची, 13 अप्रैल (हि.स.)। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में जिले के निजी विद्यालयों में शुल्क निर्धारण और अभिभावकों की शिकायतों के निस्तारण को लेकर आर्यभट्ट सभागार, मोरहाबादी में सोमवार को बैठक हुई।

मौके पर उपायुक्त ने पुस्तक और यूनिफॉर्म को लेकर भी सख्त दिशा-निर्देश जारी किया। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि विद्यालय परिसर में पुस्तक या यूनिफॉर्म की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा। अभिभावक इसे खुले बाजार से खरीदने के लिए स्वतंत्र होंगे। सीबीएसई स्कूलों को केवल एनसीईआरटी पुस्तकों को ही लागू करने का निर्देश दिया गया है।

उन्होंंने कहा कि उल्लंघन करने वाले विद्यालयों पर 50 हजार से 2.5 लाख रूपए तक जुर्माना और मान्यता रद्द करने तक की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। बैठक में कुल 272 विद्यालयों में से 192 के प्रतिनिधि मौजूद थे, जबकि अनुपस्थित विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।

बैठक में सीबीएसई, आईसीएसई और जैक बोर्ड से संबद्ध निजी विद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रतिनिधि शामिल हुए। उपायुक्त ने सभी विद्यालयों को निर्देश देते हुए कहा कि तीन दिनों के भीतर अभिभावक-शिक्षक संघ (पीटीए) और विद्यालय स्तरीय शुल्क समिति का गठन कर उसकी सूचना जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि 10 प्रतिशत तक की शुल्क वृद्धि विद्यालय स्तर पर स्वीकृत हो सकती है, जबकि इससे अधिक वृद्धि के लिए जिला स्तरीय समिति की अनुमति जरूरी है। किसी भी प्रकार का पुनर्नामांकन शुल्क लेने पर पूर्ण रोक लगाई गई है। साथ ही, किसी छात्र को परीक्षा में बैठने से वंचित करना कानून का उल्लंघन माना जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar