पंडा धर्मरक्षणि सभा का धरना, मंदिर प्रशासन पर मनमानी का आरोप
देवघर, 16 अप्रैल (हि.स.)। गुरुवार को मंदिर परिसर में पंडा धर्मरक्षणि सभा के महामंत्री निर्मल मंटू झा के नेतृत्व में पुरोहित समाज के सदस्यों ने जिला प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में तीर्थपुरोहित शामिल हुए और मंदिर प्रशासन पर मनमानी करने का आरोप लगाया।
धरने के दौरान महामंत्री मंटू झा ने आरोप लगाया कि प्रशासन की ओर से आपत्ति जताने पर धमकी दी जाती है और झूठे मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वास्तविक वीआईपी श्रद्धालुओं के प्रवेश पर किसी को आपत्ति नहीं है, लेकिन इसके नाम पर हो रहे गलत कार्यों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रोटोकॉल के तहत आने वालों के लिए पिल पाया द्वार खुला रहना चाहिए, लेकिन ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की ओर से अपने परिचितों और परिजनों को इसी मार्ग से प्रवेश दिलाना अनुचित है।
मंटू झा ने यह भी आरोप लगाया कि पिल पाया द्वार पर तैनात कर्मी अपने परिचितों को होटलों से लाकर वीआईपी की तरह प्रवेश करवा रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि संबंधित कर्मी अपने मूल कर्तव्यों को छोड़कर पुरोहितों की भूमिका निभाने लगे हैं, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
धरना में सभा के उपाध्यक्ष चंद्रशेखर खबाडे, पूर्व महामंत्री दुर्लभ मिश्रा सहित सैकड़ों की संख्या में तीर्थ पुरोहित मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy