धूमधाम से मना बेड़ो पड़हा जतरा महोत्सव सह हीरक जयंती समारोह
रांची, 04 जून (हि.स.)।
चाला जनजाति संस्था की ओर से कला, संस्कृति विभाग के सहयोग से गुरूवार को धूमधाम से बेड़ो पड़हा जतरा महोत्सव सह हीरक जयंती बुधवार को बेड़ो बाजार टांड में पारंपरिक उत्साह के साथ संपन्न हुई।
महोत्सव के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के पड़हा राजा पारंपरिक काठ के हाथी-घोड़े, रम्पा-चंपा, टेंगरा-छाता, रंग-बिरंगे झंडों और मांदर-नगाड़ों के साथ विजय जुलूस के रूप में जतरा मैदान पहुंचे। पूरा परिसर जनजातीय संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता के रंग में रंगा नजर आया।
इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि आदिवासी समाज की पारंपरिक व्यवस्था सामुदायिक एकता और सामाजिक समरसता का मजबूत आधार है। उन्होंने सरना धर्म कोड, सीएनटी एक्ट और आदिवासी पहचान के संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए स्वर्गीय करमचंद भगत की स्मृति में जतरा मैदान में उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की।
मौके पर पूर्व मंत्री स्वर्गीय करमचंद भगत के पुत्र डॉ रविंद्र नाथ भगत ने युवाओं से शिक्षा के साथ अपनी सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 1967 में तत्कालीन विधायक स्वर्गीय करमचंद भगत ने इस आयोजन की शुरूआत ऐतिहासिक महोत्सव के 60 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इस समारोह में हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग पारंपरिक वेशभूषा और वाद्ययंत्रों के साथ शामिल होते आए हैं।
समारोह में पद्मश्री मुकुंद नायक और पद्मश्री मधु मंसूरी हसमुख को भी सम्मानित किया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar