झारखंड के 10 जिलों में बारिश, वज्रपात और तेज हवा की चेतावनी, 26 जून तक येलो अलर्ट जारी
रांची, 21 जून (हि.स.)। झारखंड में मानसूनी गतिविधियों के प्रभाव से मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने सोमवार को राज्य के 10 जिलों में गर्जन के साथ बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। संभावित खराब मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार रांची, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में गर्जन के साथ वर्षा होने की संभावना है। इन जिलों में कहीं-कहीं आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका व्यक्त की गई है।
विभाग ने बताया कि राज्यभर में 26 जून तक बारिश और वज्रपात की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान कई जिलों में मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। विशेष रूप से खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों, किसानों तथा बाहरी गतिविधियों में शामिल लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
पिछले 24 घंटों के मौसम का विवरण जारी करते हुए विभाग ने बताया कि राज्य में सबसे अधिक तापमान सरायकेला में 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम तापमान राजधानी रांची के नामकुम क्षेत्र में 21.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
राजधानी रांची और आसपास के इलाकों में रविवार को सुबह से ही आंशिक रूप से बादल छाए रहे। दिनभर उमस भरा मौसम बना रहा, जबकि दोपहर बाद कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से आंशिक राहत मिली।
रविवार को रांची का अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं जमशेदपुर में अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री तथा न्यूनतम 25.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसी प्रकार डाल्टनगंज में अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री और न्यूनतम 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बोकारो में अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री और न्यूनतम 27.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि चाईबासा में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आगामी दिनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में बादल छाए रहने, रुक-रुक कर बारिश होने और तापमान में मामूली गिरावट आने की संभावना है। वर्षा की गतिविधियों में बढ़ोतरी से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं कृषि कार्यों के लिए भी यह मौसम अनुकूल माना जा रहा है। हालांकि वज्रपात और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।-------------
हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak