लिंग जांच रोकने के लिए अल्ट्रासाउंड केंद्रों की करें कड़ी निगरानी : सचिव

 


रांची, 03 सितंबर (हि.स.)। कन्या भ्रूण हत्या और अवैध लिंग जांच पर प्रभावी रोक लगाने के लिए गुरुवार को नामकुम स्थित लोक स्वास्थ्य संस्थान में पीसीपीएनडीटी अधिनियम पर राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित हुई।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराई रोकने के लिए अल्ट्रासाउंड केंद्रों की कड़ी निगरानी और अधिनियम का शत-प्रतिशत अनुपालन जरूरी है। उन्होंने नियमित निरीक्षण, छद्म पहचान के साथ छापेमारी और अवैध गतिविधियों में शामिल केंद्रों पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने रांची, धनबाद और जमशेदपुर जैसे बड़े शहरों में अल्ट्रासाउंड केंद्रों की विशेष निगरानी पर जोर दिया।

मौके पर एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि अवैध लिंग परीक्षण की सूचना देने वालों के लिए मुखबिर-डिकॉय योजना के तहत एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

इसमें मुख्य मुखबिर को 40 हजार, डिकॉय ऑपरेशन में सहयोग करने वाली गर्भवती महिला को 40 हजार और सहयोगी को 20 हजार रुपये मिलेंगे। सूचना 104 हेल्पलाइन या जिला समुचित प्राधिकारी को दी जा सकती है और पहचान गोपनीय रखी जाएगी। कार्यशाला में कानूनी प्रक्रिया, उपकरण जब्ती, क्लीनिक सील करने, ऑनलाइन रिपोर्टिंग और ‘गरिमा झारखंड’ पोर्टल का प्रशिक्षण दिया गया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar