बिना आधी आबादी को अधिकार दिए कोई राष्ट्र विकसित नहीं हो सकता : कुलपति
रांची, 07 मार्च (हि.स.)। रांची विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन सभागार में अंतर—राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पीएफए विभाग के छात्रों की ओर से राष्ट्रगीत,राष्ट्रगान और कुलगीत की प्रस्तुति से हुआ।
कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ धर्मेंद्र कुमार सिंह ने ऑनलाइन जुड़कर सबों को इस दिवस की बधाई दी और कहा कि दुनिया में कोई भी देश आधी आबादी को अधिकार देकर ही विकसित हो सकता है। महिलाओं को बिना अधिकार दिये न समाज आगे बढ़ता है और न ही राष्ट्र आगे बढ़ पाता है। उन्होंने कहा कि हमारे लिये यह सौभाग्य की बात है कि आज रांची की मेयर से लेकर रांची विश्वविद्यालय के कई विभागों में विभागाध्यक्ष और संकायाध्यक्ष कार्यक्रम में पहुंची हैं। उन्होंने आइक्यूएसी और आयोजन समिति के सभी सदस्यों को इस दिवस के आयोजन के लिये सराहना की।
हमारी संस्कृति में सदैव स्त्रियों को मिला है सम्मान : मेयर
वहीं कार्यक्रम में रांची की मेयर रोशनी खलखो ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कि हम सभी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हैं,पर हमारी भारतीय संस्कृति ऐसी है कि यहां महिलाओं और स्त्रियों के सम्मान के लिये किसी एक दिवस की जरूरत नहीं है, बल्कि हमारी संस्कृति सदैव स्त्रियों को सम्मान और अधिकार देने की रही है। मौके पर उन्होंने सभी को बधाई दी और आयोजन के लिये आभार जताया।
वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ वंदना सिंह ने वर्तमान समय में लाचार गरीब महिलाओं के अधिकार की बात की और उन्हें न्याय और मदद दिलाने की बात कही। उन्होंने कमजोर और दिव्यांग महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच और अच्छा व्यवहार करने पर बल दिया।
कार्यक्रम में डीआइजी संध्या रानी मेहता ने अपने स्वयं के संघर्षों के बारे में बताया और महिलाओं के लिये कानूनी प्रावधानों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि घर में भी महिलाओं और पुरूषों के बीच बराबरी का व्यवहार होना चाहिये। उन्होंने आइपीसी की धारा 498 ए की भी चर्चा की। इधर, दीपशिखा की एक्सक्युीटीव डायरेक्टर सुधा लीला ने कहा कि दुष्कर्म की शिकार महिलाओं को समाज में किसी भेदभाव का शिकार होने से हमें रोकना चाहिये। उन्हें सामाजिक न्याय और समानता मिलनी चाहिये।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak