भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार पर समझौता नहीं : देवेंद्रनाथ
रांची, 20 अगस्त (हि.स.)। झारखंड उच्च न्यायालय की ओर से 11 वीं से 13 वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर नियुक्ति रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश पर अगले आदेश तक रोक लगाए जाने के बाद आंदोलनकारी नेता देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि योग्य और निर्दोष अभ्यर्थियों को न्याय मिलना चाहिए, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार और अनियमितता पर कोई समझौता नहीं होगा।
महतो ने कहा कि वे न्यायालय के अंतरिम आदेश का सम्मान करते हैं। न्यायिक प्रक्रिया अपनी जगह चलती रहेगी, लेकिन इस आदेश से जेपीएससी-जेएसएससी भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही की उनकी मूल मांग समाप्त नहीं होती।
उन्होंने कहा कि आंदोलन किसी अभ्यर्थी के खिलाफ नहीं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितता, अपारदर्शिता और व्यवस्था की खामियों के खिलाफ शुरू किया गया था। इसलिए आंदोलन की मूल मांगों पर वे आज भी कायम हैं।
महतो ने कहा कि जिन परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, उनकी निष्पक्ष, स्वतंत्र और विश्वसनीय जांच होनी चाहिए। जांच केवल खानापूर्ति तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के साथ भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना भी जरूरी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar