योजनाओं को लेकर संवेदक और अधिकारियों की लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त : मंत्री
हजारीबाग, 30 अक्टूबर (हि.स.)। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने शुक्रवार को समाहरणालय सभागार, में जल जीवन मिशन के तहत चार जिलों हजारीबाग, रामगढ़, चतरा और कोडरमा जिले में संचालित पेयजलापूर्ति योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की।
मंत्री ने विभागीय योजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों, सिंगल विलेज स्कीम (एसवीएस), रॉ वाटर राइजिंग एवं क्लीन वाटर राइजिंग, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और पेयजलापूर्ति से संबंधित आधारभूत संरचनाओं की समीक्षा की गई।
बैठक में मंत्री ने कार्यों में हो रहे देरी और योजनाओं के सुचारू रूप से संचालित नहीं होने पर नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि आमजन की मूलभूत आवश्यकता से जुड़ी पेयजलापूर्ति योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और पेयजलापूर्ति संरचनाओं को क्रियाशील बनाने पर जोर दिया गया। मंत्री ने पेयजलापूर्ति योजनाओं के कार्यों में तेजी लाने और जिला प्रशासन को नियमित रूप से योजनाओं की समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन और योजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा तीन माह के बाद पुनः की जाएगी।
जहां कार्य अधूरे हैं वहां आवश्यक कार्रवाई करते हुए समस्याओं का करें निराकरण : सचिव
मौके पर विभागीय सचिव अबु इमरान ने पेयजलापूर्ति से जुड़ी सभी संरचनाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। सचिव ने कहा कि जहां कार्य अधूरे हैं या योजनाओं का संचालन बाधित है, वहां आवश्यक कार्रवाई करते हुए समस्याओं का समयबद्ध निराकरण किया जाए।
उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच और योजनाओं की सतत निगरानी पर भी बल दिया।
समीक्षा के दौरान जिन योजनाओं में कार्य बंद पाया गया या निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप प्रगति नहीं हुई, उन मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संवेदकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
विभागीय सचिव ने कहा कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और अनावश्यक विलंब के मामलों में जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण नहीं करने वाले और योजनाओं को बंद रखने वाले संवेदकों को नियमानुसार लीगल नोटिस जारी किया जाएगार और संविदा की शर्तों एवं लागू प्रावधानों के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अभियान निदेशक शशि रंजन ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार की लंबित योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि जिन संवेदकों और अधिकारियों की शिथिलता के कारण योजनाएं लंबित हैं, उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। अभियान निदेशक ने योजनाओं की अद्यतन स्थिति पर सतत निगरानी रखने, कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने और संवेदकों की जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया।
बैठक में अभियंता प्रमुख निरंजन कुमार, मुख्य अभियंता रेयाज आलम, उप विकास आयुक्त, कोडरमा, नगर आयुक्त, हजारीबाग, अपर समाहर्ता, हजारीबाग, जिला योजना पदाधिकारी, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता विभाग सहित अन्य उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak