इटकी के मल्टी गांव में आदिवासी भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में प्रशासन सक्रिय, तीन दिनों में हटाने का निर्देश
रांची, 06 जून (हि.स.)। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा के हस्तक्षेप के बाद इटकी प्रखंड के मल्टी गांव में अनुसूचित जनजाति की पैतृक भूमि पर अवैध कब्जे के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है।
शनिवार को डॉ. आशा लकड़ा ने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया और पूरे मामले की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) को निर्देश दिया कि तीन दिनों के भीतर संबंधित भूखंड से अवैध कब्जा हर हाल में हटाया जाए। उन्होंने कहा कि आदिवासी भूमि पर किसी भी प्रकार का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मामले में शिकायतकर्ता सालखन लकड़ा ने आयोग को दी गई शिकायत में आरोप लगाया था कि उनकी लगभग 75 डिसमिल पैतृक भुइहरी भूमि पर कुछ स्थानीय लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि परिवार के कुछ सदस्यों को कथित रूप से बहला-फुसलाकर भूमि वापसी के नाम पर अंगूठा और हस्ताक्षर कराए गए।
स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद कार्रवाई न होने पर मामला राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग तक पहुंचा। इसके बाद आयोग ने उपायुक्त को नोटिस जारी किया, जिसके बाद अंचल अमीन और राजस्व कर्मियों ने मौके पर जांच की।
जांच रिपोर्ट में भूमि को “वकास्त भुइहरी महतोई” किस्म की बताया गया है। स्थल निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि भूमि के एक हिस्से पर मकान का निर्माण किया गया है, जबकि शेष हिस्से पर चारदीवारी बनाकर कब्जा किया गया है।
अब प्रशासन द्वारा निर्देश के बाद आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई है और अवैध कब्जा हटाने की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar