नेशनल स्टेक होल्डर्स कंसल्टेशन झारखंड में निवेश को देगा नई पहचान : राकेश

 


रांची, 08 जुलाई (हि.स.)। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में आयोजित दो दिवसीय नेशनल स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन झारखंड के विकास की नई इबारत लिखने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंड को वर्ष 2050 तक देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने का दूरदर्शी प्रयास है।

यह बातें झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने बुधवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कही।

सिन्हा ने कहा कि आज जब देश के भाजपा शासित राज्यों के युवा रोजगार की तलाश में पलायन करने को विवश हैं, तब झारखंड सरकार राज्य में ही रोजगार और निवेश के नए अवसर सृजित करने के लिए ठोस नीतियों के साथ आगे बढ़ रही है। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में नई नीति, रांची आईटी पार्क का विस्तार और गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ संभावित सहयोग राज्य के युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।

उन्होंने कहा कि प्रस्तावित नई पर्यटन नीति झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक स्थलों, जलप्रपातों, वन क्षेत्रों और आदिवासी सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने का माध्यम बनेगी। इससे पर्यटन उद्योग को गति मिलेगी, स्थानीय हस्तशिल्प, होटल, परिवहन और छोटे व्यवसायों का विस्तार होगा और हजारों युवाओं के लिए स्वरोजगार और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

सिन्हा ने कहा कि नई झारखंड इन्वेस्टमेंट प्रमोशन पॉलिसी और डिजिटल सिंगल विंडो व्यवस्था उद्योगों के लिए पारदर्शी और सुगम माहौल तैयार करेगी। बड़े औद्योगिक निवेश से राज्य में नए विनिर्माण केंद्र स्थापित होंगे और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कांग्रेस की स्पष्ट नीति है कि झारखंड के संसाधनों का सबसे बड़ा लाभ झारखंड के लोगों को मिलना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak