जगन्नाथ मंदिर गार्ड हत्याकांड का खुलासा, तीन गिरफ्तार

 


- पहचान उजागर होने के डर से की थी हत्या

रांची, 25 अप्रैल (हि.स.)। रांची पुलिस ने जगन्नाथपुर मंदिर में तैनात सुरक्षा गार्ड बिरसा मुंडा हत्याकांड मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन के निर्देश पर गठित एसआईटी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस हत्याकांड में शामिल तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है।

एसएसपी राकेश रंजन ने शनिवार को प्रेस वार्ता में बताया कि यह घटना 24 अप्रैल 2026 की है, जब अज्ञात अपराधियों ने मंदिर में घुसकर न केवल दान पेटी से नकदी चोरी की, बल्कि पहचान उजागर होने के डर से सुरक्षा गार्ड की हत्या भी कर दी। इस मामले में धुर्वा थाना में कांड संख्या 88/26 दर्ज किया गया था। जांच के दौरान घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को धर दबोचा। पूछताछ में सभी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

गिरफ्तार आरोपितों में सभी रांची जिले के ही जगन्नाथपुर स्थित न्यू कॉलोनी के निवासी है। जिसमें बबलू राम के बेटे देव कुमार उर्फ रचित कुमार, रमेश महली के बेटे विकास महली और कृष्णा कुमार के बेटे आयुष कुमार दत्ता शामिल हैं। मौके से आरोपितों के पास से 3 लाख 97 हजार रुपये, हत्या में इस्तेमाल खून से सना पत्थर, घटना के समय पहने गए शर्ट और गमछा, ताला तोड़ने के लिए इस्तेमाल लोहे की रॉड, नए कपड़े और उनकी खरीद की रसीद बरामद किया गया ।

पुलिस के अनुसार तीनों आरोपित मंदिर के पास की बस्ती के रहने वाले हैं। चोरी के दौरान गार्ड बिरसा मुंडा ने उन्हें पहचान लिया था। अपनी पहचान छिपाने और पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपितों ने पत्थर से हमला कर उनकी हत्या कर दी और फरार हो गए।

एसएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपित देव कुमार उर्फ रचित कुमार पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि विकास महली का भी आपराधिक इतिहास रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे