सीसीएल आराकांटा और सारूबेड़ा की चल संपत्ति होगी कुर्क, कोर्ट ने जारी किया आदेश

 


रामगढ़, 27 जून (हि.स.)। व्यवहार न्यायालय लैंड एक्विजिशन मामले में दर-दर के ठोकरे खा रहे लोगों को न्याय दिलाने में अव्वल साबित हो रहा है। इस बार सीसीएल प्रबंधन को कोर्ट ने कटघरे में खड़ा कर दिया। यहां तक कि उनकी चल संपत्ति को कुर्क करने का भी आदेश जारी कर दिया है। यह मामला सीसीएल कुजू प्रक्षेत्र के आरा कांटा और सारूबेड़ा कोलियरी से जुड़ा हुआ है।

रामगढ़ व्यवहार न्यायालय के सिविल जज सीनियर डिवीजन द्वितीय सह विशेष न्यायाधीश शिवेंदु द्विवेदी की अदालत में शनिवार को भूमि अधिग्रहण मुआवजा मामले की सुनवाई हुई।

इस दौरान उन्होंने बकाया राशि 3,24,031 का भुगतान वसूल करने के लिए कुर्की जब्ती का आदेश जारी किया। यह मामला लैंड रेफरेंस केस संख्या 214/ 2009 और संबंधित लैंड एक्विजिशन संख्या 2/2005-06 एवं लैंड एक्विजिशन एग्जीक्यूशन संख्या 30/2015 में पारित किया गया। अदालत के अनुसार वर्ष 2014 में पारित आदेश के तहत अवार्ड धारकों और याचिकाकर्ताओं को भुगतान किया जाना था, जिसमें मूल मुआवजा राशि और 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी शामिल है। न्यायालय ने कहा कि अब तक कुल 3,24,031 रुपये की राशि का भुगतान नहीं किया गया। अदालत में बैलिफ को निर्देश दिया कि वह सीसीएल से संबंधित रामगढ़ अंतर्गत आरा कांटा और सारूबेड़ा प्रक्षेत्र में मौजूद चल संपत्ति को कुर्क कर आदेश का तामिला करें। बैलिफ को वारंट के निष्पादन की रिपोर्ट नाै जुलाई तक प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश