'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर भ्रम फैला रहा विपक्ष, महिलाओं के साथ किया विश्वासघात: पूर्णिमा साहू

 


रांची, 27 अप्रैल (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के विरोध को लेकर कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर हमला बोला है। भाजपा नेत्री एवं जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने महिलाओं को समान अधिकार और राजनीतिक भागीदारी देने के ऐतिहासिक अवसर का विरोध कर महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है।

सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए पूर्णिमा साहू ने कहा कि 16 और 17 अप्रैल को संसद में महिलाओं को नीति-निर्माण और प्रतिनिधित्व में समान अवसर देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई थी, लेकिन कांग्रेस और इंडी गठबंधन के दलों ने इसका समर्थन करने के बजाय विरोध का रास्ता चुना।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सदन में स्पष्ट रूप से कहा है कि महिलाओं को सम्मान, अधिकार और नीति-निर्माण में भागीदारी देना कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका संवैधानिक और स्वाभाविक अधिकार है। भाजपा सरकार पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं को अधिक अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।

पूर्णिमा साहू ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने वर्षों तक न विधानसभा में और न ही लोकसभा में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वास्तव में महिलाओं को अधिकार देने का समय आया, तब विपक्ष का महिला-विरोधी चेहरा सामने आ गया।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी संसद में स्पष्ट किया है कि परिसीमन से किसी भी राज्य को नुकसान नहीं होगा। इसका उद्देश्य केवल जनसंख्या के आधार पर संतुलित और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। इसके बावजूद कांग्रेस और इंडी गठबंधन देशभर में भ्रम फैलाकर महिलाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

भाजपा नेत्री ने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पहले से ही जनगणना और परिसीमन से जुड़ा हुआ है। वर्ष 2023 में जब यह अधिनियम संसद में प्रस्तुत किया गया था, तब किसी भी विपक्षी दल ने इसका विरोध नहीं किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय लोकसभा चुनाव नजदीक होने के कारण कांग्रेस ने जल्दबाजी में इसका समर्थन किया, लेकिन अब जब इसे लागू करने की बात आई है, तो वही दल विरोध कर रहे हैं।

पूर्णिमा साहू ने कांग्रेस नेताओं पर महिलाओं के प्रति अपमानजनक और असंवेदनशील बयान देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के प्रति नकारात्मक रहा है, जबकि भाजपा महिलाओं के सशक्तिकरण को हमेशा प्राथमिकता देती रही है।

भाजपा विधायक ने कहा कि आज की महिलाएं मूकदर्शक नहीं हैं, बल्कि सशक्त, जागरूक और अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं। वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने को पूरी तरह तैयार हैं।

इस दौरान उन्होंने जानकारी दी कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन और इंडी गठबंधन की कथित महिला विरोधी मानसिकता के विरोध में 28 अप्रैल को शाम 5 बजे रांची में महिलाओं द्वारा एक विशाल मशाल जुलूस निकाला जाएगा। यह जुलूस जयपाल सिंह स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक जाएगा। भाजपा का कहना है कि यह जुलूस नारी शक्ति, सम्मान और अधिकारों की मजबूत अभिव्यक्ति बनेगा।

प्रेस वार्ता में आरती कुजूर, सीमा सिंह, रफिया नाज़ और बबीता झा सहित कई महिला कार्यकर्ता उपस्थित थीं।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे