धुएं से आज़ादी कविता के जरिए अभियान निदेशक ने दिया नशामुक्त झारखंड का संदेश
रांची, 31 मई (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड की ओर से रविवार को विश्व तंबाकू निषेध दिवस-2026 के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यशाला सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने धुएं से आज़ादी शीर्षक कविता प्रस्तुत कर तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक किया। युवाओं से नशामुक्त जीवनशैली अपनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि झारखंड में प्रतिवर्ष 35 से 40 हजार कैंसर मरीजों की पहचान होती है, जिनमें 40 से 45 प्रतिशत मरीज मुख कैंसर से प्रभावित होते हैं। उन्होंने बताया कि तंबाकू सेवन मुख कैंसर का प्रमुख कारण है और जागरूकता के माध्यम से इस चुनौती को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि तंबाकू नियंत्रण केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। इसके लिए होल ऑफ गवर्नमेंट और होल ऑफ सोसाइटी दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में बताया गया कि राज्य के 1680 विद्यालयों में तंबाकू जागरूकता अभियान चलाया गया और विभिन्न विभागों के सहयोग से 282 प्रशिक्षण आयोजित किए गए। इसके अलावा 2.08 लाख से अधिक लोगों की तंबाकू त्याग काउंसिलिंग और 43 हजार से अधिक लोगों को उपचार सहायता उपलब्ध कराई गई।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने तंबाकू सेवन से होने वाले कैंसर, मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव तथा नशामुक्ति के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में पदाधिकारी कर्मी और अन्य लोग मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar