मिसिर गोंदा में पारंपरिक विधि-विधान से संपन्न हुई आषाढ़ी पूजा,अच्छी वर्षा व समृद्धि की कामना

 


रांची, 12 जुलाई (हि.स.)। बिरसा विकास जन कल्याण समिति, मिसिर गोंदा (कांके रोड) के तत्वावधान में रविवार को आषाढ़ी पूजा पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना कर राज्य में सुख-समृद्धि, किसानों के लिए अच्छी वर्षा और बेहतर कृषि उत्पादन की कामना की।

मौजा के पाहन बिरसा मुंडा और बुद्धिजीवी चिलगु उरांव के नेतृत्व में अखड़ा एवं देवी मड़ई में पूजा-अर्चना की गई। परंपरा के अनुसार बकरा और मुर्गे की बलि अर्पित कर अच्छी वर्षा, समृद्ध कृषि, सुख-शांति, रोगमुक्त जीवन तथा ग्रामवासियों की खुशहाली की प्रार्थना की गई।

इस अवसर पर पाहन बिरसा मुंडा एवं चिलगु उरांव ने कहा कि आषाढ़ी पूजा आदिवासी समाज की सांस्कृतिक और कृषि परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व है। यह प्रकृति के प्रति आस्था, सामुदायिक एकता और कृषि आधारित जीवनशैली का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस पूजा के माध्यम से पर्याप्त वर्षा, अच्छी फसल और गांव की समृद्धि की कामना की जाती है।

समिति के अध्यक्ष अनिल उरांव ने कहा कि आषाढ़ी पूजा की परंपरा सदियों पुरानी है और आज भी राज्यभर में आदिवासी समाज इसे पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ मनाता है। उन्होंने कहा कि यह पूजा अच्छी फसल, कृषि संरक्षण, समय पर वर्षा तथा फसलों को रोग और प्राकृतिक आपदाओं से बचाने की कामना के लिए आयोजित की जाती है।

पूजा के दौरान एतवा मुंडा, सुरेश टोप्पो, जगन्नाथ उरांव, अजय उरांव, जितवा उरांव, गंगा कच्छप, कृष्णा उरांव, ललित लिंडा, सुरेश बांडो, जय बांडो, राजा नायक, बसंती कुजूर, शांति उरांव, पुतुल कच्छप, लीला उरांव, मुनी उरांव, तारा देवी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।----------

हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar