पंचायत और ग्रामसभा में न बने टकराव की स्थिति : हेमलाल
रांची, 27 फ़रवरी (हि.स.)। विधानसभा के बजट सत्र में ग्रामीण विकास विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू ने अपनी ही सरकार पर कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली के तहत पंचायत और ग्राम सभा के बीच टकराव की स्थिति न बने, इसके लिए स्पष्ट व्यवस्था की जानी चाहिए। इसके लिए विभाग की ओर से स्पष्ट दिशा निर्देश जरूरी है। उन्होंने कहा कि ग्रामसभा को प्रभावी अधिकार दिया जाना चाहिए। ग्रामसभा को स्वतंत्र और प्रभावी अधिकार दिया जाना चाहिए, ताकि स्थानीय स्तर पर विकास कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकें।
हेमलाल ने कहा कि चुनाव विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत आदिवासियों से आदिवासी होने का प्रमाण पत्र मांगना गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास सहित अन्य विभागों में अधीक्षण अभियंता को चीफ इंजीनियर का प्रभार दिया जाना उचित नहीं है। सक्षम पदाधिकारी की विधिवत पदस्थापना होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 का टेंडर अब तक निष्पादित नहीं हुआ है, ऐसे में मंत्री को ठोस और साहसिक निर्णय लेने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि बिलो टेंडर का प्रचलन 25 से 35 प्रतिशत तक नीचे दर पर पहुंच गया है, जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उन्होंने बजट प्रावधानों के पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar