मंत्री इरफान अंसारी ने यूट्यूब चैनल को भेजा 10 करोड़ रूपये का मानहानि नोटिस
रांची, 24 अप्रैल (हि.स.)।
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण मंत्री इरफान अंसारी ने उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने, दुर्भावनापूर्ण मीडिया ट्रायल चलाने और सांप्रदायिक संकेतों के जरिए सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में रांची के एक स्थानीय यूट्यूब चैनल के खिलाफ कड़ा कानूनी कदम उठाया है।मंत्री की ओर से 23 अप्रैल 2026 को अधिवक्ताओं के माध्यम से 10 करोड़ रूपये का फाइनल एवं बाइंडिंग लीगल नोटिस जारी किया गया।
मंत्री ने शुक्रवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि नोटिस में संबंधित मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित और प्रसारित सामग्री को पूर्व-नियोजित, दुर्भावनापूर्ण और चरित्र-हनन करने वाला है। जिसमें एकतरफा मीडिया ट्रायल के जरिए जनमानस में भ्रामक और गलत धारणा बनाने का प्रयास किया गया, जो पत्रकारिता की मर्यादाओं का उल्लंघन है। साथ ही मंत्री ने उसमें प्रयुक्त भाषा को सांप्रदायिक संकेतों से युक्त बताते हुए इसे सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देने वाला करार दिया है।
नोटिस में मंत्री ने चैनल के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं जिनमें संबंधित यूट्यूब चैनल के सभी प्लेटफॉर्म से विवादित कंटेंट को तत्काल हटाने, डॉ. अंसारी से सार्वजनिक और बिना शर्त माफी मांगे जाने तथा ऐसा नहीं करने पर 10 करोड़ का हर्जाना अदा करने की मांगे शामिल है। नोटिश के माध्यम से चैनल को निर्धारित समय-सीमा में मांगें पूरी नहीं होने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
मंत्री ने कहा कि इस कंटेंट से उनकी प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंची है और उन्हें मानसिक पीड़ा व सार्वजनिक अपमान झेलना पड़ा, जो अनुच्छेद 21 के तहत प्राप्त अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के सम्मान की बात करते हुए स्पष्ट किया कि झूठ और समाज को बांटने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डॉ. अंसारी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर ऐसे मीडिया संस्थानों को दिए जा रहे सरकारी विज्ञापनों पर रोक लगाने और जनसंपर्क विभाग में उनका पंजीकरण रद्द करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ यूट्यूब चैनल, विशेषकर बिहार से संचालित, सुनियोजित तरीके से राज्य सरकार और जनप्रतिनिधियों की छवि धूमिल कर रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar