झारखंड में अगस्त 2026 तक महज 41 प्रतिशत राजस्व वसूली, चिंता का विषय : राधाकृष्ण किशोर

 




रांची, 03 सितंबर (हि.स.)। राजस्व संग्रहण की समीक्षा को लेकर वाणिज्य कर मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को राजस्व वसूली में तेजी लाने और सभी लंबित मामलों पर समयबद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया। मंत्री ने कहा कि अगस्त 2026 तक निर्धारित 41 प्रतिशत राजस्व संग्रहण के मुकाबले 34.5 प्रतिशत उपलब्धि होना चिंता का विषय है।

बैठक में राज्य के वर्तमान राजस्व संग्रहण, लक्ष्य के विरुद्ध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के निरीक्षण, लंबित ऑडिट आपत्तियों, न्यायालय में लंबित मामलों तथा वैट और जीएसटी की बकाया राशि की समीक्षा की गई। राजस्व बढ़ाने के संभावित नए स्रोतों पर भी चर्चा हुई।

मंत्री ने रियल एस्टेट, ज्वेलरी, सीमेंट, ट्रांसपोर्टेशन और स्क्रैप ट्रेड सहित राजस्व की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों की विशेष निगरानी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वास्तविक कारोबार और घोषित कारोबार में विसंगति मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि केंद्र के विभिन्न निर्णयों से झारखंड के वित्तीय संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है। जीएसटी क्षतिपूर्ति व्यवस्था समाप्त होने से राज्य को लगभग 4,000 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान तथा केंद्रीय योजनाओं में हिस्सेदारी बदलने से करीब 4,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त वित्तीय भार का आकलन है।

मंत्री ने कर चोरी रोकने, बकाया वसूली और अवैध खनिज परिवहन से जीएसटी नुकसान पर कार्रवाई के निर्देश दिए।

दिसंबर की समीक्षा में खराब प्रदर्शन करने वाले जिला अधिकारियों को चिह्नित कर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी। बैठक में विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar