रक्षा राज्य मंत्री ने रिम्स आश्रयगृह का किया निरीक्षण

 


रांची,18 जुलाई (हि.स.)। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने शनिवार को रिम्स स्थित आश्रयगृह का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आश्रयगृह की बदहाल व्यवस्था पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि इस आश्रयगृह का निर्माण उनकी पहल पर पावरग्रिड के सीएसआर मद से 20 करोड़ रुपये की लागत से गरीबों के कल्याण के लिए कराया गया था।

रिम्स में इलाज के लिए आने वाले गरीब मरीजों के परिजनों को सस्ती दर पर आवास और भोजन की सुविधा मिल सके। लेकिन यह अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य सरकार की लापरवाही के कारण यह उद्देश्य अधूरा दिखाई दे रहा है।

निरीक्षण के दौरान सेठ ने पाया कि आश्रयगृह की दोनों लिफ्ट खराब है और पूरे कॉरिडोर में पानी भरा हुआ है एवं कैंटीन में भोजन की जो व्यवस्था है, वह गरीबों के लिए बिल्कुल भी अनुकूल नहीं है। सेठ ने कहा कि यहां भोजन के नाम पर इतनी अधिक कीमत वसूली जा रही है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो किसी आश्रयगृह में नहीं, बल्कि किसी रेस्टोरेंट का संचालन हो रहा हो। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास था कि यहां आने वाले जरूरतमंद परिजनों को कम दरों पर भोजन उपलब्ध हो, लेकिन ऐसा लगता है कि इसे शासन ने कमाई का जरिया बना दिया है।

सेठ ने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के जरिये रिम्स और स्वास्थ्य विभाग का संचालन किया जाता है। परंतु यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनके नाक के नीचे रिम्स जैसे संस्थान में इलाज के लिए आने वाले गरीबों के साथ ऐसा धोखा किया जा रह है।

रिम्स में इलाज के लिए आने वाले गरीब मरीजों और उनके परिजनों को सम्मानजनक वातावरण के साथ सस्ती दर पर रहने और भोजन की सुविधा तत्काल सुनिश्चित की जाए। जनसेवा के लिए बने संस्थानों का उद्देश्य मुनाफा नहीं, बल्कि मानव सेवा होना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे