ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग को 12,347 करोड़ रुपये का बजट : दीपिका पांडेय सिंह

 


रांची, 24 फरवरी (हि.स.)। झारखंड में ग्रामीण विकास कार्य एवं पंचायती राज विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026–27 में ग्रामीण विकास विभाग का बजट बढ़ाकर 12,347 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह बजट ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, आजीविका सृजन, आवास योजनाओं, स्वयं सहायता समूहों और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों को गति प्रदान करने में सहायक होगा।

मंत्री मंगलवार को विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से बातचीत कर रही थीं। उन्होंने कहा कि गांवों की तस्वीर बदलने और ग्रामीणों के जीवन में ठोस सुधार लाने के उद्देश्य से सरकार लगातार प्रयासरत है, ताकि झारखंड देश के मानचित्र पर एक सशक्त और समृद्ध राज्य के रूप में स्थापित हो सके।

मंत्री ने बताया कि केवल ग्रामीण कार्य विभाग का बजट 4,576 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5,081 करोड़ रुपये किया गया है। यह राशि ग्रामीण सड़कों, पुल-पुलियों और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने में खर्च की जाएगी। इससे दुर्गम गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

उन्होंने बताया कि पंचायती राज विभाग का बजट 2,144 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2,283 करोड़ रुपये किया गया है। यह प्रावधान पंचायतों को सशक्त बनाने, पंचायत सचिवालयों को मजबूत करने और स्थानीय स्वशासन को प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मंत्री ने कहा कि महिलाओं के लिए संचालित 250 योजनाओं के माध्यम से राज्य सरकार ने इस बार लगभग 34,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। जेंडर बजटिंग को 35 प्रतिशत तक ले जाकर महिलाओं को बराबरी के साथ आगे बढ़ाने का स्पष्ट संकल्प दर्शाया गया है।

वहीं, बच्चों के बजट (चाइल्ड बजटिंग) के तहत 132 योजनाओं के लिए 10 प्रतिशत से अधिक, यानी 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि निर्धारित की गई है।

मंत्री ने कहा कि यह बजट पूरी तरह समावेशी है, जो महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण समाज को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है।----------------

हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar