देवघर में लंपी स्किन डिजीज की आशंका से पशुपालकों की चिंता बढ़ी
देवघर, 09 सितंबर (हि.स.)। देवघर जिले के विभिन्न प्रखंडों के कई गांवों में पशुओं में लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) जैसे लक्षण सामने आने से छोटे और सीमांत पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। गायों के साथ बछड़ों में भी बीमारी के लक्षण देखे जाने की बात कही जा रही है। सारठ प्रखंड की पथरड्डा पंचायत के कुण्डारो गांव में भी कई पशुओं में लंपी जैसे लक्षण मिलने की सूचना है।
पशुपालकों का कहना है कि पशुधन उनके परिवार की आय का प्रमुख साधन है। ऐसे में बीमारी के संक्रमण की आशंका से उन्हें पशुओं के स्वास्थ्य के साथ-साथ आर्थिक नुकसान की भी चिंता सता रही है। किसान अजीत यादव ने कहा कि लंपी वायरस से पशुधन पर खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने पशुपालन विभाग से गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाने के साथ संदिग्ध पशुओं की जांच, उपचार और बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
जिला पशुपालन पदाधिकारी धनंजय कुमार ने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों में लंपी स्किन डिजीज से बचाव के लिए वैक्सीन उपलब्ध है। उन्होंने पशुपालकों से अपने नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र से संपर्क कर पशुओं का टीकाकरण कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण से पशुओं को बीमारी से बचाने में मदद मिलेगी।
जिला पशुपालन पदाधिकारी ने पशुपालकों को संक्रमित अथवा संदिग्ध पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने, पशुओं के रहने वाले स्थान की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल पशु चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी। विभाग ने पशुपालकों से बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने और समय पर उपचार कराने की अपील की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Anup Kumar Roy