समर कैंप में नन्हे बच्चों ने भरी प्रतिभा की उड़ान

 




रामगढ़, 15 जून (हि.स.)। गर्मी की छुट्टियों को ज्ञान, मनोरंजन और रचनात्मकता से जोड़ने के उद्देश्य से रामप्रसाद चंद्रभान सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में समर कैंप आयोजित किया गया। सोमवार को उत्साह और उल्लास के वातावरण में भव्य समापन हुआ। समर कैंप में वाटिका खंड के नर्सरी से प्रथम कक्षा तक के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे कैंप के दौरान बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक क्षमता को निखारने वाली अनेक गतिविधियों का आयोजन किया गया।

समर कैंप में बच्चों ने एरोबिक्स, योगाभ्यास, विभिन्न प्रकार के खेल, तरणताल (स्विमिंग) और मनोरंजक शैक्षणिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन गतिविधियों ने न केवल बच्चों को आनंदित किया, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का भी विकास किया। विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि प्रारंभिक अवस्था में बच्चों को ऐसे अनुभव प्रदान करना उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यही कारण रहा कि कैंप के प्रत्येक सत्र को बच्चों की रुचि और सीखने की क्षमता के अनुरूप तैयार किया गया।

समापन समारोह में विद्यार्थियों ने योग एवं एरोबिक्स का सामूहिक प्रदर्शन कर उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

समर कैंप केवल बच्चों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विद्यालय की शिक्षिकाओं ने भी अपनी सृजनात्मक क्षमता का उत्कृष्ट परिचय दिया। उन्होंने कागज से सुंदर टोकरी, फूल और सजावटी सामग्री तैयार की, वहीं मिट्टी से बर्तन, फल एवं सब्जियों के आकर्षक मॉडल बनाकर सभी को प्रभावित किया।

विद्यालय प्रबंधन के अनुसार समर कैंप का मुख्य उद्देश्य बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें अभिव्यक्ति का अवसर प्रदान करना है। आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल पुस्तक ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि रचनात्मकता, संवाद कौशल, शारीरिक दक्षता और आत्मविश्वास का विकास भी उतना ही आवश्यक है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश