राष्ट्रीय खेल दिवस पर रांची सहित देशभर में होगा ‘खेलो इंडिया संवाद, 8 लाख युवाओं से जुड़ेंगे प्रधानमंत्री
रांची, 25 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रीय खेल दिवस इस वर्ष 29 अगस्त के बजाय 27 अगस्त को विशेष रूप से मनाया जाएगा। इस संबंध में मोरहाबादी स्थित राज्य कार्यालय में मेरा युवा भारत की निदेशक ललिता कुमारी ने मंगलवार को बताया कि राष्ट्रीय खेल दिवस हॉकी के महान खिलाड़ी और देश के गौरव मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। इस वर्ष इसे देशभर में युवा भागीदारी, खेल विकास और राष्ट्र निर्माण के उत्सव के रूप में मनाने की तैयारी है। इसी उद्देश्य से देशभर में ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं और खिलाड़ियों को एक मंच पर लाना है। इसके तहत देश के प्रत्येक जिले के दो कॉलेजों में ‘युवा कनेक्ट’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में युवाओं को खिलाड़ियों, सांसदों, विधायकों, मंत्रियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद का अवसर मिलेगा।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के जरिए युवाओं को पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में खेल क्षेत्र में हुए बदलावों और विकास की जानकारी दी जाएगी। साथ ही युवाओं के विचार, सुझाव और आकांक्षाओं को भी सुना जाएगा। इस कार्यक्रम की सबसे खास बात यह होगी कि 27 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र उन्होंने कहा कि मोदी देशभर के 1600 अलग-अलग स्थानों पर मौजूद 8 लाख से अधिक युवाओं को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करेंगे। रांची के आईएमए समेत तीन स्थानों पर यह कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद युवा एक साझा राष्ट्रीय मंच से जुड़ेंगे।
कार्यक्रम में सभी अतिथि और युवा प्रतिभागी सुबह 10 बजे तक निर्धारित स्थल पर पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद स्थानीय स्तर पर युवा संवाद पर फोकस रहेगा। इसमें माई भारत स्वयंसेवक और स्थानीय खिलाड़ियों के बीच संवाद सत्र आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम में मौजूद स्थानीय सांसद, विधायक या मंत्री भी युवाओं को संबोधित करेंगे। इसके बाद करीब 15 मिनट का 'युवा संवाद' आयोजित होगा, जिसमें युवा अपने विचार, सुझाव और आकांक्षाएं साझा कर सकेंगे।
युवा संवाद के चार प्रमुख विषय तय किए गए हैं। इनमें पहला, जमीनी स्तर पर बेहतर खेल सुविधाएं, कोचिंग और अवसर उपलब्ध कराकर खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने, 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए प्रतिभाओं को विकसित करना तथा वैज्ञानिक तरीके से प्रतिभा पहचान और खिलाड़ियों के विकास पर जोर देने, शासन व्यवस्था में युवाओं की भागीदारी और युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने और विकसित भारत के निर्माण के लिए युवाओं को भविष्य के कौशल, स्वयंसेवा और राष्ट्र निर्माण के अवसरों से जोड़कर उनका सशक्तीकरण करना शामिल है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे