रांची की कृष्णा नगर कॉलोनी स्थित गुरुद्वारे में मनाया गया 'खालसा सजना दिवस', 18-19 अप्रैल को कीर्तन दरबार का आयोजन
रांची, 14 अप्रैल (हि.स.)। रांची के रातु रोड स्थित कृष्णा नगर कॉलोनी के गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सत्संग सभा में मंगलवार को खालसा साजना दिवस श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विशेष दीवान सजाया गया, जिसकी शुरुआत सुबह हजूरी राजी जत्था भाई महिपाल सिंह जी द्वारा आसा दी वार के कीर्तन से हुई।
कीर्तन के दौरान उन्होंने “खालसा मेरो रूप है खास…”, “देह सिवा बरु मोहि इहै…” और “वाहो वाहो गोबिंद सिंह आपे गुर चेला…” जैसे शबदों का गायन कर संगत को गुरबाणी से जोड़ा। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण भक्तिमय बना रहा और संगत ने श्रद्धापूर्वक कीर्तन का श्रवण किया।
गुरुद्वारा के हेड ग्रंथी ज्ञानी जिवेन्दर सिंह जी ने कथा वाचन करते हुए बताया कि वर्ष 1699 में बैसाखी के दिन श्री केशगढ़ साहिब, आनंदपुर में दशमेश पिता श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। उन्होंने पांच प्यारों को अमृत छकाकर खालसा की नींव रखी और स्वयं भी उनसे अमृत ग्रहण किया। उन्होंने कहा कि यह घटना सिख इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है।
कार्यक्रम के अंत में श्री आनंद साहिब के पाठ, अरदास, हुकुमनामा और कढ़ाह प्रसाद के वितरण के साथ विशेष दीवान का समापन हुआ। सत्संग सभा के अध्यक्ष अर्जुन देव मिड्ढा और सचिव सुरेश मिड्ढा ने संगत को खालसा साजना दिवस की बधाई दी। मंच संचालन मनीष मिड्ढा ने किया।
18 और 19 अप्रैल को होगा दसवां महान कीर्तन दरबार
गुरुद्वारा श्री गुरु नानक सत्संग सभा और गुरु नानक सेवक जत्था के संयुक्त तत्वावधान में बैसाखी एवं श्री गुरु अंगद देव जी महाराज के प्रकाश पर्व के अवसर पर 18 और 19 अप्रैल को दसवां महान कीर्तन दरबार आयोजित किया जाएगा।
इससे पहले 17 अप्रैल को कृष्णा नगर कॉलोनी स्थित गुरुद्वारा साहिब से दर्शन दिउड़ी गेट तक भव्य नगर कीर्तन निकाला जाएगा। इसमें पांच निशानची और पांच प्यारों की अगुवाई में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की सवारी पूरे क्षेत्र में भ्रमण करेगी। नगर कीर्तन के दौरान कीर्तन मंडली शबद गायन करेगी और विभिन्न स्थानों पर संगत द्वारा स्वागत किया जाएगा।
18 अप्रैल की रात और 19 अप्रैल की सुबह विशेष दीवान सजाए जाएंगे, जिनमें पटना साहिब से आए प्रसिद्ध कीर्तनी जत्था भाई सरबजीत सिंह जी संगत को शबद कीर्तन से निहाल करेंगे। 19 अप्रैल को गुरु नानक सेवक जत्था द्वारा गुरुद्वारा परिसर के बेसमेंट में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर भी लगाया जाएगा। दोनों दीवानों के बाद गुरु का अटूट लंगर भी चलाया जाएगा।
इस अवसर पर द्वारका दास मुंजाल, मोहन काठपाल, अशोक गेरा, नरेश पपनेजा, अमरजीत गिरधर, अश्विनी सुखीजा सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak