कस्तूरबा विद्यालय की छात्रा का संदिग्ध परिस्थिति में मिला शव, हंगामा

 








चतरा, 03 नवंबर (हि.स.)। गिद्धौर प्रखंड मुख्यालय स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में सोमवार की देर रात नौवीं कक्षा की छात्रा प्रियंका कुमारी (15) की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। उसका शव विद्यालय के कमरे में पंखे से दुपट्टे के सहारे लटका मिला। मृतका गिद्धौर थाना क्षेत्र के बारियातु पंचायत अंतर्गत सिमरातरी गांव निवासी संतोष भुइयां की पुत्री थी। घटना के बाद विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। विद्यालय प्रबंधन छात्रा को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गया, जहां से उसे बेहतर इलाज के लिए चतरा सदर अस्पताल रेफर किया गया। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण और परिजन विद्यालय पहुंचे। छात्रा की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने विद्यालय प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। इस दौरान छात्रा के परिजनों ने विरोध-प्रदर्शन किया। वहीं सूचना पर बीडीओ राहुल देव, सीओ अनंत सयनम विश्वकर्मा और थाना प्रभारी पुरुषोत्तम अग्निहोत्री मौके पर पहुंचे। बाद में विधायक प्रतिनिधि कपिल कुमार, सांसद प्रतिनिधि मनोज कुमार कुशवाहा, जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि बालेश्वर यादव, सांसद प्रतिनिधि सतेंद्र कुमार दांगी, मुखिया निर्मला देवी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर उन्हें समझाया। इस दौरान एक महिला की तबीयत बिगड़ने से वह बेहोश हो गई।

ग्रामीणों ने छात्रा की मौत को लेकर हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से नियमित निरीक्षण नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया। थाना प्रभारी ने ग्रामीणों और परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का पता चलेगा। जांच के लिए रांची से एफएसएल की टीम भी पहुंच रही है।

घटना की जानकारी मिलने पर सिमरिया एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊ साहेब विद्यालय पहुंचे। उन्होंने छात्रा के कमरे का बारीकी से निरीक्षण किया और अन्य छात्राओं से पूछताछ कर जानकारी जुटाई। वहीं समादेष्टा कार्यालय के इंस्पेक्टर माजिद आलम ने भी विद्यालय पहुंचकर ड्यूटी पर तैनात महिला होमगार्ड कर्मियों से सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सुरक्षा में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

विद्यालय की प्रभारी वार्डेन ने बताया कि नियमित वार्डेन जेटेट परीक्षा में शामिल होने के लिए दो दिनों की छुट्टी पर थीं। इस दौरान उन्हें प्रभार सौंपा गया था। उनके अनुसार सोमवार रात करीब साढ़े आठ बजे तक सभी छात्राएं विद्यालय परिसर में थीं। रात्रि भोजन की घंटी बजने पर सभी छात्राएं भोजन करने पहुंचीं लेकिन प्रियंका नहीं आई। तलाश करने पर उसके कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। दरवाजा खुलवाने पर वह पंखे से लटकी मिली। इसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया।

मृतका की मां सुनीता देवी ने थाने में आवेदन देकर विद्यालय की प्रभारी वार्डेन बिंदु पोद्दार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मां ने बताया कि सोमवार रात में प्रभारी वार्डेन ने गांव के सिकंदर दांगी के मोबाइल पर फोन कर बेटी की तबीयत खराब होने और गिद्धौर अस्पताल में इलाज चलने की सूचना दी। परिजन अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि छात्रा को चतरा सदर अस्पताल ले जाया गया है। वहां पहुंचने पर उन्हें बेटी की मौत की जानकारी मिली। घटना के बाद सिमरातरी गांव में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / जितेन्द्र तिवारी