ऊर्जा निगमों में बोर्ड बैठक नहीं होने पर श्रमिक संघ ने जताई चिंता, जल्द बैठक बुलाने की मांग
रांची, 01 मार्च (हि.स.)। झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के अध्यक्ष अजय राय ने झारखंड राज्य के ऊर्जा निगमों में लंबे समय से बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक नहीं होने पर चिंता व्यक्त की है।
रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड तथा इसकी अनुषंगी कंपनियों झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड, झारखंड ऊर्जा संचारण निगम लिमिटेड और झारखंड ऊर्जा उत्पादन निगम लिमिटेड में बोर्ड बैठक नहीं होने के कारण बिजली वितरण, संचरण एवं उत्पादन से जुड़े कई महत्वपूर्ण नीतिगत और वित्तीय प्रस्ताव लंबित पड़े हुए हैं।
अजय राय ने बताया कि 23 सितम्बर 2025 के बाद अब तक किसी भी कंपनी की बोर्ड बैठक आयोजित नहीं की गई है, जबकि कंपनी अधिनियम के अनुसार प्रत्येक चार माह में कम से कम एक बैठक आयोजित करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की लापरवाही से प्रशासनिक निर्णय प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि समय पर बोर्ड बैठक नहीं होने की स्थिति में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज द्वारा दंडात्मक कार्रवाई एवं जुर्माना लगाया जा सकता है, जिससे निगम की साख और निर्णयों की वैधता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
श्रमिक संघ ने 9 मार्च 2026 को प्रस्तावित बोर्ड बैठक हर हाल में आयोजित करने तथा लंबित मुद्दों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है। संघ ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द बैठक नहीं बुलाई गई, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आगे की रणनीति तय करने को बाध्य होगा।----------------
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar