न्यायमूर्ति संजय प्रसाद ने दुमका सिविल कोर्ट, केंद्रीय कारा और संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया
दुमका, 14 सितंबर (हि.स.)। झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश संजय प्रसाद ने सोमवार को अपने दो दिवसीय दुमका दौरे के दौरान सिविल कोर्ट, केंद्रीय कारा और संप्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बंदियों, किशोरों और न्यायिक अधिकारियों से बातचीत कर व्यवस्थाओं और समस्याओं की जानकारी ली।
केंद्रीय कारा के निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति प्रसाद ने महिला बंदियों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य, व्यक्तिगत समस्याओं और न्यायिक मामलों की जानकारी ली। उन्होंने महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों से भी बातचीत की और उन्हें टॉफी व बिस्किट वितरित किए।
उन्होंने कारा अस्पताल और पाकशाला का निरीक्षण कर बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं और भोजन की गुणवत्ता एवं व्यवस्था की जानकारी ली। पुरुष बंदी वार्ड में भी उन्होंने बंदियों से बातचीत कर स्वास्थ्य, विधिक सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाओं से संबंधित समस्याओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
संप्रेक्षण गृह के निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति प्रसाद ने वहां रह रहे किशोरों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की। उन्होंने किशोरों को अपनी गलतियों से सीख लेकर नई शुरुआत करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि संप्रेक्षण गृह में रहते हुए अध्ययन और कौशल प्रशिक्षण पर ध्यान देकर हुनर हासिल करें और भविष्य में अच्छे नागरिक बनें।
किशोरों के जन्मदिन के अवसर पर न्यायमूर्ति प्रसाद ने उनके साथ केक काटकर जन्मदिन मनाया। उन्होंने किशोरों को कॉपी, कलम और बिस्किट उपहार में देकर उनका उत्साहवर्धन किया। संप्रेक्षण गृह में किशोरों को मिल रही सुविधाओं पर संतोष जताया।
व्यवहार न्यायालय के निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों के निष्पादन और फैसलों की प्रगति की जानकारी ली तथा संबंधित न्यायाधीशों को आवश्यक निर्देश दिए। न्यायालय परिसर में पौधरोपण कर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
इससे पूर्व जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष निशांत प्रसाद और सचिव राकेश कुमार यादव ने न्यायमूर्ति संजय प्रसाद का स्वागत किया। मौके पर प्रधान जज सुधांशु कुमार शशि, उपायुक्त अभिजीत सिन्हा, पुलिस अधीक्षक पीताम्बर सिंह खेरवार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।-----------
हिन्दुस्थान समाचार / नीरज कुमार