आंदोलनरत छात्रों ने सरकार को दिया अल्टीमेटम, १८ तक मांगे नहीं मानी तो 16 को पुतला दहन और 20 को मुख्यमंत्री का घेरेंगे आवास
रांची, 15 अगस्त (हि.स.)।
जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर आंदोलनरत छात्रों ने फिर से आंदोलन की बिगुल फूंक दी है। छात्रों ने सरकार को उनकी मांगें मानने के लिए 18 अगस्त तक का अल्टीमेटम दे दिया है।
आंदोलन के 22वें दिन शनिवार को जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने जयपाल स्टेडियम धरनास्थल पर प्रेस वार्ता कर कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगे नहीं मानी तो 16 अगस्त 2026 को राज्य के सभी 24 जिला मुख्यालयों में और रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया जाएगा। इसके बाद मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में 20 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री आवास का घेराव भी किया जाएगा।छात्रों ने कहा कि अब वे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ विरोध करेंगे।
छात्रों की प्रमुख मांगों में जेएसएससी सीजीएल, 11वीं-13वीं जेपीएससी बैकलॉग परीक्षा और टीडीपीएल एजेंसी की ओर से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करना तथा पूरे मामले की सीबीआई जांच शामिल है। मंच का कहना है कि तय समय तक निर्णय नहीं हुआ तो मुख्यमंत्री के आवास घेराव कार्यक्रम में राज्यभर से बड़ी संख्या में छात्र रांची पहुंचेंगे। साथ ही मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे।
इस दौरान छात्र नेता पीयूष ने कहा कि सरकार की ओर से संवाद और वार्ता की बात कई बार कही जा रही है, लेकिन आंदोलन स्थल पर छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। लंबे समय से धरना जारी है और कुछ छात्र भूख हड़ताल पर हैं। इसके बावजूद प्रमुख मांगों पर निर्णायक पहल नहीं हुई। इसलिए अब छात्र अगला कदम उठाने को विवश हैं।
वहीं, रविंद्र पासवान ने कांग्रेस और राहुल गांधी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि राहुल गांधी ने छात्रों से ऑडियो कॉल पर बातचीत की थी और विधानसभा घेराव के दौरान हुए लाठीचार्ज की निंदा भी की थी। लेकिन छात्रों को केवल बयान नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यदि वास्तव में छात्रों के साथ है तो उसे सरकार पर दबाव बनाने के साथ समर्थन वापस लेने की दिशा में कदम उठाना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर कांग्रेस के खिलाफ भी आंदोलन किया जाएगा।
रविंद्र पासवान ने कहा कि अब आंदोलन का स्वरूप और कड़ा होगा। उन्होंने कहा कि मंच अब तक गांधी के विचारों के अनुरूप आगे बढ़ रहा था, लेकिन आगामी आंदोलन भगत सिंह की विचारधारा से प्रेरित होगा। छात्रों ने पेपर लीक, कथित परीक्षा अनियमितताओं और नौकरी में भ्रष्टाचार के आरोपों पर मुख्यमंत्री से जवाबदेही तय करने की मांग की। साथ ही कहा कि यदि सरकार कार्रवाई करने में सक्षम नहीं है तो मुख्यमंत्री को पद से इस्तीफा देना चाहिए। मांगें पूरी होने तक छात्रों का आंदोलन जारी रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar