एसआईआर प्रक्रिया में निर्वाचन आयोग सात विंदुओं पर दे स्पष्टीकरण : विनोद
रांची, 30 मई (हि.स.)। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता विनोद पांडेय ने शनिवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) की तैनाती की मांग की। साथ ही उन्होंने आयोग से घर-घर सर्वेक्षण शुरू होने से पूर्व आवश्यक दिशा-निर्देश और प्रोटोकॉल स्पष्ट करने की मांग की है।
पत्र में उन्होंने कहा कि राज्य में सत्तारूढ़ दल होने के नाते झामुमो एसआईआर प्रक्रिया में सक्रिय, रचनात्मक और सतर्क भागीदारी निभाना चाहता है। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अन्य राज्यों में एसआईआर के दौरान हुई त्रुटियां झारखंड में न दोहराई जाएं।
विनोद पांडेय ने निर्वाचन आयोग से सात महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने विशेष रूप से जीआईएस आधारित हाउस मैपिंग प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि कई मतदाता इलेक्टर्स नॉट मैप्ड श्रेणी में आ जाते हैं।
यह स्थिति तब बनती है जब बीएलओ किसी मतदाता के पते को ईआरओनेट प्रणाली में भौगोलिक रूप से टैग नहीं कर पाता। उन्होंने कहा कि पता मानचित्रित नहीं होना और सामान्य निवासी नहीं होना दोनों अलग-अलग कानूनी अवधारणाएं हैं।
उन्होंने दावा किया कि बिहार में एसआईआर 2023 के दौरान कुछ मामलों में अनमैप्ड पते वाले मतदाताओं को गलत तरीके से सूची से हटाने की शिकायतें सामने आई थीं। झामुमो ने मांग की है कि झारखंड में स्पष्ट लिखित निर्देश जारी किए जाएं कि केवल अनमैप्ड स्थिति के आधार पर किसी मतदाता के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी। साथ ही मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को अनमैप्ड मतदाताओं की सूची, प्रस्तावित विलोपन सूची तथा ईआरओनेट की रीड-ओनली पहुंच उपलब्ध कराने की समयसीमा भी घोषित की जाए।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar