आदिवासी अधिकारों पर भाजपा अपने कार्यकाल का दे हिसाब : विनोद

 


रांची, 25 अक्टूबर (हि.स.)। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के राजनीतिक प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा को झारखंड के हितों, आदिवासी-मूलवासी अधिकारों और रोजगार जैसे मुद्दों पर अपने शासनकाल के कार्यों की जानकारी जनता को देना चाहिए।

उन्होंने रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय राज्य के विकास, युवाओं के रोजगार, किसानों की समस्याओं और विस्थापितों के अधिकारों पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए। झारखंड की जनता अपने अधिकारों और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर ठोस पहल चाहती है।

विनोद पांडेय ने कहा कि जल-जंगल-जमीन, स्थानीय अधिकार और आदिवासी-मूलवासी अस्मिता झारखंड आंदोलन के प्रमुख आधार रहे हैं। इन विषयों पर सभी राजनीतिक दलों को गंभीरता से काम करने और जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा सहित राज्य के महानायकों के विचारों को उनके संघर्ष और अधिकारों के सम्मान के माध्यम से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

उन्होंने रोजगार, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सभी सरकारों की प्राथमिकता होनी चाहिए। घुसपैठ के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को अपनी जिम्मेदारी के तहत स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

विनोद पांडेय ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन राजनीतिक बहस तथ्यों और जनहित पर आधारित होनी चाहिए। झामुमो राज्य के लोगों के अधिकारों, सामाजिक न्याय और विकास के मुद्दों को प्राथमिकता देता रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar