झारखंड अपने संवैधानिक अधिकारों से नहीं हटेगा पीछे : विनोद
रांची, 27 अगस्त (हि.स.)। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने राज्य के खनिज संसाधनों पर सेस लगाने के अधिकार को लेकर भाजपा पर हमला बोला है।
झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने गुरूवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि वर्षों से कोयला, लौह अयस्क सहित अन्य खनिजों का दोहन हुआ, लेकिन विस्थापन, प्रदूषण और जंगल-जमीन की कीमत झारखंडी समाज ने चुकाई। अब संसाधनों से होने वाली आय का उपयोग आदिवासी, मूलवासी, खनन प्रभावित परिवारों और आने वाली पीढ़ियों के हित में होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि झारखंड अपने प्राकृतिक और संवैधानिक अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा।
खनिज झारखंड की धरती से निकलता है और इसके पर्यावरणीय एवं सामाजिक दुष्प्रभाव भी राज्य के लोग झेलते हैं, इसलिए अपने संसाधनों से जुड़े राजस्व पर निर्णय लेने का अधिकार झारखंड का होना चाहिए।
पांडेय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की नौ सदस्यीय संविधान पीठ ने 8:1 के फैसले में राज्यों के खनिज अधिकारों और खनिज-युक्त भूमि पर कर लगाने की शक्ति को मान्यता दी है।
ऐसे में भाजपा की ओर से राज्य के इस अधिकार पर सवाल उठाना संघीय व्यवस्था और राज्यों के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास है।
उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद झारखंड द्वारा अपने खनिज पर सेस तय करने पर आपत्ति क्यों है। उन्होंने कहा कि यदि राज्य के खनिज की कीमत अधिक लगती है तो खरीदार के पास दूसरे राज्यों से खनिज लेने का विकल्प है, लेकिन झारखंड को अपने प्राकृतिक संसाधन औने-पौने दाम पर देने के लिए विवश नहीं किया जा सकता।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar