झारखंड की पहचान ग्राम स्वशासन से : दीपिका पांडेय
रांची, 13 जून (हि.स.)। ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि झारखंड की पहचान उसकी समृद्ध आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था और ग्राम स्वशासन की मजबूत परंपरा से है।
राज्य सरकार ग्राम सभाओं को सशक्त बनाकर जनजातीय समुदाय को उनके संवैधानिक अधिकारों और परंपराओं के अनुरूप विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह शनिवार को रांची स्थित अपने आवास में सरायकेला-खरसावां के ग्राम प्रधान महासभा के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान बोल रही थी। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों ने मंत्री पेसा नियमावली लागू किए जाने पर आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने पेसा नियमावली को लेकर फैलाई जा रही भ्रांतियों को दूर करने के लिए विभागीय स्तर पर हस्तक्षेप की मांग की। साथ ही ग्राम प्रधानों के चयन से जुड़ी अपनी मांगों और शंकाओं से भी मंत्री को अवगत कराया।
मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि पेसा नियमावली का उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को उनके संवैधानिक अधिकार देना, स्थानीय संसाधनों के प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी बढ़ाना और आदिवासी समाज की परंपराओं, रीति-रिवाईजों और स्वशासन की व्यवस्था को और मजबूत बनाना है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रतिनिधिमंडल की ओर से उठाए गए सभी न्यायसंगत सुझावों और मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार किया जाएगा।
मौके पर श्यामल पांडे, अरूप सिंह, वासुदेव महतो, लक्ष्मण गोप, महादेव सिंह, पद्मलोचन गोप, प्रेमचंद महतो, ज्ञानचंद महतो, कार्तिक चंद्र महतो, रामापति महतो, बी गोराई, प्रभात रंजन महतो सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar